ये हैं सांपों का मसीहा, कई बार काटा फिर भी है जिन्दा, सालभर में एक हजार से ज्यादा सांपों को रेस्क्यू किया

चैतन्य भारत न्यूज

लोग सांप सुनकर ही सहम जाते हैं, लेकिन अजमेर में एक ऐसे सर्परक्षक हैं। जो इनसे बहुत प्यार करते हैं। वो इन्हें पकड़कर जंगल में छोड़ आते हैं। कम्प्यूटर नेटवर्किंग का काम करने वाले विजय यादव, एक साल में 1000 से ज्यादा सांपों का जीवन बचाकर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ चुके हैं। वे केवल घरों के अंदर घुसें या घरों के पास मिले सांपों को ही रेस्क्यू नहीं करते, बल्कि लोगों को सांप से संबंधित जानकारी देकर जागरूक भी करते हैं।

जब से उन्होंने सांपों को रेस्क्यू करने का काम शुरू किया है, तब से 20 बार से ज्यादा सांप उन्हें डस चुका है। इसके बाद भी सांपों के प्रति उनका प्रेम कम नहीं हुआ। विजय यादव ने बताया कि भारत में सांपों की 270 तरह की प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें 50 प्रजातियां ही विषैली होती हैं। करीब 12 से 15 प्रजातियां ही इंसानों के लिए जानलेवा होती हैं। अजमेर में सांपों की 25 से 30 प्रजाति मौजूद हैं। इनमें केवल 5 से 6 ही विषैले सांप हैं। इसमें कोबरा, कॉमन क्रेट और सॉ स्कल्ड वाईपर इन 3 प्रजातियों के सांप ही अधिक पाए जाते हैं। उन्हें जिन सांपों ने काटा वो जहरीले नहीं थे।

ऐसे हुई शुरुआत

विजय यादव ने बताया कि उनकी कॉलोनी के एक घर में सांप आ गया और सांप पकड़ने वाले को बुलाया। उसने पैसे देने पर ही सांप पकड़ने की बात कही और बताया कि यह सांप रेट स्नेक (घोड़ा पछाड़) बहुत खतरनाक है और इसे पकड़ना आसान नहीं। इसके बाद विजय ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि रेट स्नेक (घोड़ा पछाड़) जहरीला नहीं होता। इस प्रकार गलत जानकारी देकर लोगों में डर पैदा करना और बाद में उनसे पैसे ऐंठने की बात बुरी लगी। इसके बाद विजय ने लोगों की मदद करने व सांपों को बचाने का अभियान शुरू किया।

गहन अध्ययन कर समझा सांपों को

विजय यादव ने कहा कि इसके बाद उन्होंने इंटरनेट पर सांपों का गहन अध्ययन शुरू किया और सांप के व्यवहार को समझा कि उसे कैसे पकड़ा जाए और वह क्या करेगा तो कैसे बचना है। इसके लिए सर्प विशेषज्ञ प्रो. के. के. शर्मा का मार्गदर्शन भी लिया। इसके बाद पहली बार ज्योति नगर में जहरीले सांप कोबरा को रसोई से पकड़ा और मेरा डर दूर हो गया। इसके बाद आज स्थिति यह है कि रोजाना 3-4 सांप पकड़ रहा हूं। इतना ही लोगों को सांपों के बारे में बताकर उनको जागरूक करने का काम भी कर रहा हूं।

सफाई का रखें ध्यान, नहीं आएगा सांप

यादव बताते है कि सांप घरों में न आए इसके लिए एक महत्वपूर्ण बात यह भी ध्यान रखनी होगी कि आप अपने घर और आंगन को साफ रखिए, क्योंकि जहां भी कचरा या गंदगी इकट्ठी होगी, वहां सांप आने की सम्भावना ज्यादा होती है। सांप के आने की वजह उसका भोजन चूहे, मेंढक या छिपकली होते हैं। सांप को कोई मतलब नहीं हैं कि उस जगह इंसान रहते हैं या नहीं। वे सिर्फ अपने शिकार के लिए आते हैं और शिकार करके चुपचाप वापस चले जाते हैं। इसलिए आप इन्हें घर या खेत में देखें तो बिलकुल भी नहीं घबराएं।

सांप काट ले तो क्या करना चाहिए?

सांप अगर विषैला नहीं है तो आप हाथ को साबुन से धो लें और थोड़ी चोट आ गई हो तो हाथ में डिटोल लगा लें। सांप अगर विषैला है तो उस जगह पर कपड़ा बांध लें और उस अंग को हिलाएं नहीं। कपड़ा या धागा बांधते समय थोड़ा गैप रखें। सर्पदंश के स्थान के ऊपरी हिस्से पे कपड़ा या धागा टाइट ना बांधें, इस तरह बांधने पर अंग काटने की स्थिति भी बन सकती है।

याद रहे किसी भी तरह का तनाव न ले, नहीं तो ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। इसके पश्चात तत्काल ऐसे अस्पताल में जाएं जहां एन्टी वेनम सीरम उपलब्ध है, वहां जाकर अपना इलाज करवाएं। सांप के काटने पर इलाज बेहतर तरीके से हो सके इसलिए बहुत जरूरी है कि आप सांप को पहचान सकें। कई बार सांप की पहचान नहीं होने पर डॉक्टरों को लक्षणों का इंतजार करना पड़ता है।

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