‘एलेक्सा’ का उपयोग करें संभल कर, कहीं सुन न ले आपकी निजी बातें

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चैतन्य भारत न्यूज

वाशिंगटन. टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) कोई नया शब्द नहीं रहा। इससे हुए क्रांतिकारी बदलावों ने हर क्षेत्र और हर व्यक्ति को प्रभावित किया है। मेडिकल, ट्रांसपोर्ट और अन्य क्षेत्रों में पैर जमाने के बाद अब एआई ने लोगों के घरों में भी दस्तक दे दी है। इसका ताजातरीन और सामान्य उदाहरण है डिजिटल असिस्टेंट एलेक्सा, गूगल असिस्टेंट और सिरी। अमेजन ने एलेक्सा को तैयार किया है। गूगल असिस्टेंट गूगल का प्रोडक्ट है और नामी फोन बनाने वाली एपल ने सिरी को विकसित किया है।

ये डिजिटल सहायक आपके कहने पर टीवी का चैनल बदल देते हैं, आपका मनपसंद गाना चला देते हैं और जरूरत पड़ने पर किसी को फोन भी लगा देते हैं। काफी हद तक इन्होंने आपकी जिंदगी को आसान बना दिया है। कई लोगों के लिए तो ये असिस्टेंट किसी दोस्त जैसे होते हैं। सभी जानते हैं कि इन असिस्टेंट को इस्तेमाल करते हुए इन्हें आपकी आवाज सुनाई देती है और समझ भी आती है। इसी आधार पर ये आपके कमांड का पालन करते हैं।

गोपनीय बातें भी सुन सकते हैं

अब एक बड़ा सवाल यह है कि जब आप इन्हें कोई कमांड नहीं दे रहे होते हैं, उस वक्त ये असिस्टेंट क्या करते हैं? ये पूरी तरह डिजिटल सिस्टम हैं, इसलिए जाहिर है कि इन्हें नींद नहीं आती। इनका ध्यान भी कभी नहीं भटकता। इन खूबियों का सीधा सा मतलब यह है कि ये असिस्टेंट उस वक्त भी आपकी बातें सुनते हैं, जब आप इन्हें कमांड नहीं दे रहे होते। इन्हें आपकी वह बात भी सुनाई देती है, जो आप अपने किसी अंतरंग साथी से कर रहे होते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि किसी बिजनेस डील की कोई गोपनीय बात भी इन्होंने सुनी हो।

गलत इस्तेमाल का खतरा

खतरा केवल इनके सुनने भर से नहीं है, खतरा यह है कि इनकी सुनी बातों का कोई गलत उपयोग न कर ले। कई खबरों में दावा किया गया है कि अपने डिजिटल असिस्टेंट को ज्यादा से ज्यादा सक्षम बनाने के लिए अमेजन, गूगल और एपल लोगों की रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल करती हैं। इन कंपनियों में सैकड़ों लोग बैठकर आपकी रिकॉर्डिंग सुनते हैं और उसके आधार पर सॉफ्टवेयर को अपडेट करते हैं। इस दौरान उन्हें वह भी सुनाई दे सकता है, जो आपने नहीं सोचा होगा।

कई मामले सामने भी आए

अमेरिका में अमेजन को एलेक्सा द्वारा बिना जानकारी के बच्चों की आवाज रिकॉर्ड करने के मामले में मुकदमे का सामना करना पड़ा था। वहीं एक हत्या के मामले में एलेक्सा की रिकॉर्डिंग को बतौर सबूत जमा कराया गया था। एक मामला ऐसा भी सामने आया था जब डिजिटल असिस्टेंट ने पति-पत्नी की बातें रिकॉर्ड करके उनके एक दोस्त को भेज दी थीं।

बचने के लिए कुछ जरूरी कदम

कंपनियों ने डिजिटल असिस्टेंट पर उपभोक्ताओं को नियंत्रण के लिए कुछ विकल्प दिए हैं। अमेजन ने उपभोक्ताओं को यह विकल्प दिया है कि वे अपनी रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल एलेक्सा के सॉफ्टवेयर को बेहतर बनाने में करना चाहते हैं या नहीं। इसी तरह पुरानी रिकॉर्डिंग को डिलीट करने का भी विकल्प है। गूगल ने भी गूगल असिस्टेंट को डिसेबल करने, डाटा शेयरिंग को नियंत्रित करने और रिकॉर्डिंग को डिलीट करने का विकल्प दिया है। इसी तरह एपल के मामले में आइफोन की सेटिंग में जाकर सीधे सिरी को डिसेबल किया जा सकता है। ऐसा करने से सभी रिकॉर्डिंग भी डिलीट हो जाती हैं।

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