आज है आमलकी एकादशी, जानिए व्रत का महत्व और पूजन-विधि

amalaki ekadashi, amalaki ekadashi vrat

चैतन्य भारत न्यूज 

हिंदू धर्म में आमलकी एकादशी का काफी महत्व है। हर महीने में दो एकादशी व्रत आते हैं। एक कृष्ण पक्ष में तो दूसरा शुक्ल पक्ष में। इस व्रत में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। आमलकी एकादशी फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को ही मनाई जाती है। इस बार आमलकी एकादशी 6 मार्च, शुक्रवार को पड़ रही है। आइए जानते हैं आमलकी एकादशी का महत्व और पूजा-विधि।



amalaki ekadashi, amalaki ekadashi vrat

आमलकी एकादशी का महत्व

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस पेड़ के कण-कण में भगवान का वास होता है। शास्त्रों अनुसार इस पेड़ को खुद भगवान विष्णु ने जन्म दिया था। एकादशी व्रत भगवान विष्णु की कृपा पाने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। जो लोग स्वर्ग और मोक्ष प्राप्ति की कामना रखते हैं, उनको आमलकी एकादशी के शुभ दिन पर आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर विष्णु भगवान की पूजा करनी चाहिए।

amalaki ekadashi, amalaki ekadashi vrat

आमलकी एकादशी पूजन-विधि

  • एकादशी के दिन सबसे पहले नित्‍य कर्म से निवृत्त होकर स्‍नान करें और स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें।
  • इसके बाद मंदिर में भगवान विष्‍णु के सामने हाथ में तिल, कुश, मुद्रा और जल लेकर व्रत का संकल्‍प करें।
  • अब विष्‍णु को पुष्‍प, ऋतु फल और तुलसी चढ़ाए।
  • इसके बाद श्री हरि विष्‍णु की आरती उतारें और उन्‍हें प्रणाम करें।
  • इसके बाद भगवान विष्‍णु को भोग लगाएं।
  • व्रती को आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।

ये भी पढ़े…

सफलता पाने के लिए आज करें विजया एकादशी व्रत, जानिए इसका महत्व और पूजन-विधि

पापों से मुक्ति दिलाता है जया एकादशी व्रत, जानिए इसका महत्व और पूजा-विधि

इस दिन है षटतिला एकादशी, जानिए व्रत का महत्व और पूजन-विधि

Related posts