स्वास्थ्यकर्मी ने नष्ट कर डाली 500 से ज्यादा कोरोना वैक्सीन, कीमत है 8 लाख रुपए, ये है वजह

चैतन्य भारत न्यूज

दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर अब भी जारी है। इसे खत्म करने के लिए दुनियाभर में वैक्सीन बनाने का काम जारी है। हर कोई बस यही इंतजार कर रहा है कि उन्हें कब वैक्सीन लगेगी। इसी बीच यह खबर आई है कि अमेरिका के एक अस्पताल में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी ने 500 कोरोना वैक्सीन को खराब कर दिया क्योंकि उसे लगता था कि इस वैक्सीन के चलते लोगों का डीएनए बदल जाएगा।

यह मामला ब्रैंडबर्ग विस्कोनसिन के ओरोरा मेडिकल सेंटर का है। आरोपी यहीं काम करता था। 46 साल के स्टीवन ब्रैंडबर्ग को इस घटना के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। इस शख्स ने मॉर्डेना कि कोरोना वैक्सीन डोज को फ्रीज से निकालकर पूरी रात बाहर रख दिया जिससे ये वैक्सीन खराब हो गई। ब्रैंडबर्ग ने यह माना कि उसने ये जानबूझकर किया है और इस घटना के बाद ब्रैंडबर्ग को नौकरी से निकाल दिया गया है और पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को ब्रैंडबर्ग ने बताया कि, ‘उसे ऐसा लगता था कि ये वैक्सीन किसी भी तरीके से सुरक्षित नहीं है और इसके चलते इंसानों का डीएनए बदला जा सकता है। यही वजह है कि उसने इन वैक्सीन्स को खराब करने की कोशिश की थी।’ हालांकि वैज्ञानिकों ने लगातार इस दावे को झुठलाया है।

मेडिकल सेंटर ने यह दावा किया है कि, उन्हें इस वैक्सीन की 500 से अधिक वैक्सीन को फेंकना पड़ा। इस सेंटर का दावा है कि इसके चलते उन्हें 8100 पाउंड्स यानी लगभग 8 लाख का नुकसान हुआ है।

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