अनोखा सॉफ्टवेयर जो दिल की धड़कन से पहचान लेगा विदेशी जासूस, ऐसे करेगा काम

spy

चैतन्य भारत न्यूज

वॉशिंगटन. हर देश में जासूस लोग आम नागरिकों के साथ घुल-मिलकर रहने लग जाते हैं। कई बार तो जासूस खुफिया एजेंसियों की गिरफ्त में आ जाते हैं, लेकिन कई बार उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है जिससे देश की महत्वपूर्ण जानकारियां लीक होने का खतरा बढ़ जाता है।


खुफिया एजेंसियां किसी संदिग्ध और दुश्मन देश के जासूस पर हमला करने से पहले उसकी पहचान सॉफ्टवेयर से करती हैं। यह सॉफ्टवेयर उस व्यक्ति के नैन-नक्श या उसकी चाल-ढाल से उसकी पहचान करता है। हालांकि यह कभी-कभी गलत भी साबित हो जाता है। लेकिन अब जासूसों की पहचान का काम एक नए सॉफ्टवेयर की मदद से आसान हो जाएगा।

अमेरिका की स्पेशल ऑपरेशन कमांड (एसओसी) ने एक नए सिस्टम का इस्तेमाल शुरू किया है। यह सिस्टम 200 मीटर की दूरी से किसी व्यक्ति के दिल की धड़कन से उसकी पहचान कर लेगा कि वो संदिग्ध या जासूस तो नहीं। इसके लिए वो लेजर वाइब्रोमीटर गैजेट का इस्तेमाल करता है। इसमें लगा लेजर बीम व्यक्ति की हर छोटी से छोटी गतिविधि पर भी बेहद करीब से नजर रख उसकी पहचान करता है।

इस नए सिस्टम जेटसन (Jetso) को प्रतिरक्षा विभाग की एजेंसी कॉम्बेटिंग टेरोरिज्म टेक्निकल सपोर्ट ऑफिस ( cttso ) ने विकसित किया है। इस सिस्टम को सॉफ्टवेयर बनाने वाली ने हार्टप्रिंट ( Heartprint ) नाम दिया है। डिवाइस की बीम संदिग्ध व्यक्ति पर लगभग 30 सेकंड रहती है।

जेटसन दिल की छाप पकड़ने के लिए लेजर वाइब्रोमीटर गैजेट का उपयोग करता है। संबंधित व्यक्ति पर लेजर बीम डालने से सूक्ष्म हरकत का पता लगता है। इनका उपयोग कई साल से पुल, विमान, युद्ध जहाजों की तोपों और विंड टरबाइन जैसी वस्तुओं के अध्ययन के लिए हो रहा है। इंफ्रारेड बीम होने के कारण इसे मानवीय आंख से देखना संभव नहीं है। डिवाइस उस समय अच्छे से काम करता है, जब संदिग्ध व्यक्ति दौड़ नहीं रहा होता है या किसी चलते वाहन पर सवार नहीं रहता है।

Related posts