ट्रंप द्वारा भारत की हवा को ‘गंदा’ कहने पर भड़के जो बिडेन, कहा- दोस्त के बारे में कैसे बात करनी चाहिए, ये भी नहीं जानते?

चैतन्य भारत न्यूज

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं और प्रचार जारी है। इस दौरान आखिरी प्रेसिडेंशियल डिबेट में राष्ट्रपति और प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन और रूस पर प्रदूषण फैलाने के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि, ‘भारत को देखिए, गंदा है, वहां की हवा भी खराब है।’ अब डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ट्रंप की इस टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि, ‘वह और उनकी पार्टी की उप राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस, अमेरिका के साथ भारत की साझेदारी का बेहद सम्मान करते हैं।’

ये भी नहीं पता कि मित्रों के बारे में कैसे बात करनी चाहिए

बिडेन ने एक ट्वीट में कहा कि, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को ‘गंदा’ देश बताया है। उन्हें ये भी नहीं पता कि मित्रों के बारे में कैसे बात करनी चाहिए। इस तरह से अपने मित्रों के बारे में बात नहीं की जाती है और इस तरह से जलवायु परिवर्तन जैसै वैश्विक चुनौतियों का सामना भी नहीं किया जाता है।’ बता दें ट्रंप ने दो दिन पहले राष्ट्रपति चुनाव की बहस के दौरान चीन, भारत और रूस के बारे में कहा था कि ये देश अपनी ‘गंदी’ हवाओं का ध्यान नहीं रख रहे हैं।

ट्रंप ने कहा था कि चीन को देखें, ‘वह कितना गंदा है। रूस को देखें। भारत को देखें। वहां हवा बहुत गंदी है। इसके बाद बिडेन ने ‘इंडिया वेस्ट’ साप्ताहिक के हालिया अंक में प्रकाशित अपने स्तंभ (लेख) को रिट्वीट करते हुए शनिवार को एक ट्वीट में कहा कि, ‘कमला हैरिस और मैं हमारी साझेदारी को खूब महत्व देते हैं और हम हमारी विदेशी नीति में सम्मान को फिर से केंद्र में रखेंगे।’

उन्होंने कहा कि, ‘अगर वह राष्ट्रपति चुने जाते हैं तो अमेरिका और भारत आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ और शांति और स्थिरता के ऐसे क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए साथ काम करेंगे, जहां चीन या कोई अन्य देश अपने पड़ोसी देशों को चेतावनी नहीं देता हो। वह बाजारों को खोलेंगे और अमेरिका और भारत में मध्य वर्ग को बढ़ाने के लिए काम करेंगे। वह जलवायु परिवर्तत जैसे अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना भी साथ में करेंगे।’

भारत में हो रही ट्रंप के बयान की निंदा

ट्रंप के इस बयान की भारत में सभी ओर निंदा हो रही है। दरअसल, वायु प्रदूषण का बड़ा कारण कार्बन उत्सर्जन को माना जाता है और इस मामले में भारत अन्य कई देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन देखें तो अमेरिका का एक नागरिक एक भारतीय के मुकाबले आठ गुना ज्यादा कार्बन उत्सर्जन कर रहा है। हालांकि चीन के बारे में ट्रंप का दावा सही है क्योंकि प्रदूषण फैलाने में चीन की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत है। यही नहीं अमेरिका भारत से दोगुना प्रदूषण फैला रहा है।

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