दुनियाभर में कोरोना का टीका विकसित करने की होड़, अमेरिकी कंपनी ‘मॉडर्ना’ निकली सबसे आगे

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक इस वायरस को रोकने के लिए कोई सटीक इलाज नहीं मिला है। सभी देश अपनी-अपनी तरफ से कोरोना वायरस को फैलने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। दुनियाभर की कई दिग्गज दवाई कंपनियां कोरोना वायरस का टीका बनाने में जुटी हुई हैं। इसी बीच अमेरिकी कंपनी ‘मॉडर्ना’ के क्लीनिकल शोध के नतीजों से नई उम्मीद जगी है।

118 कंपनियां कर रही टीका बनाने का प्रयास

जानकारी के मुताबिक, कोरोना संकट के बीच दुनियाभर की करीब 118 कंपनियां कोविड-19 का टीका बनाने का प्रयास कर रही हैं। फिलहाल तो यह कहना मुश्किल है कि इस खतरनाक बीमारी का टीका कब विकसित हो सकता है। इसका टिका कुछ महीनों में भी बन सकता है और एक साल भी लग सकते हैं। लेकिन जब से मॉर्डना कंपनी के क्लीनिकल परिक्षण के नतीजे बेहतर आए है, उसके बाद टीके के जल्द से जल्द बनने की उम्मीद बढ़ गई है।

8 कंपनियां क्लीनिकल परीक्षण के चरण में

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हाल ही प्रकाशित ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर की 118 में से आठ कंपनियां अब कोरोना के टीके के क्लीनिकल परीक्षण के चरण में पहुंच गई हैं। जबकि 110 कंपनियां अभी प्री-क्लीनिकल परीक्षण की अवस्था में हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मॉर्डन कंपनी ने कहा था कि, आठ लोगों पर इस टीके का परीक्षण किया गया है, जिसमें यह देखा गया है कि टीका लगाने के बाद इन आठों लोगोें के शरीर में प्रचुर मात्रा में कोरोना रोधी एंटीबॉडी विकसित हुई है।

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