इस अनोखे मंदिर में धनतेरस से बंटता है ‘खाजाना’, सिर्फ 4 दिन के लिए खुलते हैं कपाट

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चैतन्य भारत न्यूज

वाराणसी. दुनिया भर में ऐसे कई मंदिर हैं जो अपने आप में बहुत खास होते हैं। इन्हीं में से एक उत्तर प्रदेश के वाराणसी में है जो दुनिया भर में प्रसिद्द है। गंगा के पश्चिमी घाट पर भगवान शिव के बारह ज्योर्तिलिंग में से एक विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग, काशी विश्वनाथ का मंदिर है।



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इसी मंदिर के निकट दक्षिण दिशा में मां अन्नपूर्णा देवी का मंदिर है जो भक्तों को अन्न-धन प्रदान करने वाली मां अन्नपूर्णा का दिव्य धाम है। यह देश का एकमात्र अन्नपूर्णा का मंदिर है जहां धनतेरस से अन्नकूट तक मां का खजाना बांटा जाता है। यहां से मिले सिक्के और धान का लावा लोग तिजोरी और पूजा स्थल पर रखते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से पूरे वर्ष धन-अन्न की कमी नहीं होती।

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खास बात यह है कि मां अन्नपूर्णा का यह मंदिर वर्ष भर में मात्र चार दिनों के लिए धनतेरस से खोला जाता है। चंद रेजगारी और धान के लावे को पाने के लिए पूरा-पूर‍ा दिन लोग इंतजार में बिता देते हैं। इसके बाद जब मां अन्नपूर्णा के जब स्वर्णिम दर्शन भक्तों को मिलते हैं तो उनकी सारी थकान मानो गायब हो जाती है।

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पुराणों में काशी के भावी नामों में काशीपीठ नाम का भी उल्लेख है। स्कन्दपुराण के ‘काशीखण्ड’ में ये लिखा है कि भगवान विश्वेश्वर महादेव गृहस्थ हैं और भवानी उनकी गृहस्थी चलाती हैं। काशी उनका परिवार है। काशीवासियों के योग-क्षेम का भार इन्हीं पर है।

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