कोरोना संकट : देश में पहली बार बनेंगे एंटी वायरस कपड़े, महीने के आखिर तक होंगे लॉन्च

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. इस समय पूरा विश्व कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। लोगों का रोजाना का जीवन पूरी तरह बदल गया है। खाने-पीने से लेकर लाइफस्टाइल में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी के साथ फैशन इंडस्ट्री में भी बदलाव देखा जा रहा है। देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच देश में पहली बार एंटी वायरस टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी से बने कपड़े लॉन्च करने की तैयारी है।

अरविंद लिमिटेड ने एंटीवायरल कपड़े बनाने का फैसला किया है। के लिए कंपनी ने स्विस टेक्सटाइल्स इनोवेशन फर्म हैक मटेरियल एजी के साथ साझेदारी की है। जून के आखिर तक इस तकनीक से बने सूटिंग-शर्टिंग फैब्रिक्स और तैयार कपड़े बाजार में आ जाएंगे। कंपनी इंटेलीफैब्रिक्स ब्रांड के तहत पहली बार देश में एंटी वायरल टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी का उपयोग करेगी। दावा किया जा रहा है कि इसमें 99.99 फीसदी रोगाणुओं को कम करने की क्षमता है।

इस एंटी वायरस कपड़ों का निर्माण स्विस टेक्सटाइल इनोवेशन कंपनी हैक मटीरियल्स एजी और ताइवान की प्रमुख स्पेशलिटी केमिकल कंपनी जिंटेक्स कॉर्पोरेशन के सहयोग से अरविंद लिमिटेड कर रही है। कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि, ‘इंटेलिफैब्रिक्स का वर्तमान में एक हजार करोड़ रुपए का बिक्री राजस्व है और कंपनी की योजना अगले कुछ महीनों में एंटी वायरस फैब्रिक्स और गारमेंट्स के जरिए 50 से 100 करोड़ रुपए की बिक्री बढ़ाना है।’

उन्होंने यह भी कहा कि, ‘अनुसंधान से पता चलता है कि वायरस और बैक्टीरिया, कपड़ा सतहों पर दो दिनों तक सक्रिय रह सकते हैं। कपड़ों के माध्यम से रोगाणुओं के पुन: संचरण की क्षमता को कम करने में मदद करने के लिए एचईक्यू  वायरोब्लॉक के साथ ट्रीट किए गए कपड़े वायरस को रोकते हैं।’

अरविंद लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक कुलीन लालभाई ने बताया कि, ‘कोरोनावायरस महामारी ने दुनियाभर में अस्थिरता फैलाई है। ऐसे समय में हमारे ग्राहक सुरक्षित रहें, इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। यही कारण है कि हमने वायरोब्लॉक क्रांतिकारी तकनीक भारत में लाने के लिए हैक के साथ साझेदारी की है। जल्द ही भारतीय बाजारों में हम ऐसे कपड़े लाएंगे जो वायरस से लड़ने में मदद करेगा और फैशनेबल भी होंगे।’

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