जयंती विशेष: लेक्चर देते हुए ही दुनिया को अलविदा कह गए डॉ. अब्दुल कलाम, उनकी ये 5 महत्वपूर्ण बातें बदल देगी आपका जीवन

चैतन्य भारत न्यूज

‘मिसाइल मैन’ के नाम से दुनिया भर में मशहूर भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीएजे अब्दुल कलाम का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 में हुआ था।

27 जुलाई  2015 को भारत ने अपना एक अनमोल रत्न खो दिया था। शिलांग में लेक्चर देते  वक्त दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। डॉ. कलाम मरते दम तक देश के  लिए काम करते रहे। डॉ.कलाम का पूरा जीवन ही एक मिसाल है। हम आपको आज डॉ.कलाम की उन पांच बातों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें सीखकर जीवन में  बदलाव किया जा सकता है।

हमेशा बड़ा सोचो

डॉ.कलाम कहते थे कि हमेशा बड़ा सोचना चाहिए। हर मुश्किल में हौसला बनाए  रखना बहुत जरुरी है। वह हमेशा सभी छात्रों से आगे बढ़ते रहने और बड़ा सपना देखने की बात कहा करते थे। उनका मानना है कि छोटी सोच अपराध है।


सपना क्या होता है?

डॉ.कलाम कहते थे कि, कोई भी व्यक्ति उन सपनों से कभी भी बड़ा नहीं बन सकता है जो रात में देखे जाते हैं। सपने तो वो होते हैं जो खुली आंखों से देखे जाते हैं और इन सपनों को पूरा करने के लिए रातों की नींद भी त्याग दी  जाती है।

नए आविष्कार करो

डॉ.कलाम के मुताबिक, हर व्यक्ति में कोई ना कोई आविष्कार करने की हिम्मत होनी चाहिए। आविष्कार ऐसे करो जो कोई दूसरा व्यक्ति न कर पा रहा हो और उसे करने की भी हिम्मत रखो। तब जाकर आप जिंदगी में कोई अलग मुकाम हासिल कर पाएंगे।

सिर्फ मैं ही कर सकता हूं

डॉ.कलाम का कहना है कि हमेशा ये सोचो कि इस काम को सिर्फ में ही कर सकता हूं। दूसरों पर निर्भर रहकर काम करने या फिर काम को टालने से वह काम कभी
ठीक से नहीं हो पाएगा।

खुद को अकेला महसूस मत करो

डॉ.कलाम कहते हैं कि कभी भी खुद को अकेला महसूस मत करो। हम अकेले नहीं  है। जरा आसमान में देखो पूरा ब्रह्मांड हमारा दोस्त है। इसलिए हमेशा बड़े  सपने देखो और उसे पूरा करने के लिए खूब मेहनत करों।

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