DSP देविंदर सिंह ने आतंकियों से 12 लाख में की थी ये डील, IB और रॉ करेगी पूछताछ, राष्टपति मेडल छीना जा सकता

davinder singh

चैतन्य भारत न्यूज

श्रीनगर. शनिवार को जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) के आतंकियों के साथ पकड़ा गया पुलिस अधिकारी देविंदर सिंह को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, देविंदर सिंह और आतंकियों के बीच 12 लाख रुपए की डील हुई थी।


आतंकियों से हुई थी यह डील 

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, देविंदर और आतंकियों के बीच 12 लाख रुपए की डील हुई थी। इन रुपयों के बदले देविंदर आतंकियों को सुरक्षित चंडीगढ़ पहुंचाने वाला था। इसके लिए उसने अपने ऑफिस से चार दिन की छुट्टी भी ली थी। इतना ही नहीं बल्कि दावा तो यह भी किया गया है कि देविंदर के पास आतंकियों के लिए हथियारों की डील करवाने का भी जिम्मा था।

छीना जा सकता है राष्ट्रपति मैडल 

जानकारी के मुताबिक, देविंदर से जल्द ही इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रॉ (RAW) की टीम पूछताछ करने वाली है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि देविंदर का राष्ट्रपति मेडल भी छीना जा सकता है। बता दें कि पिछले साल 15 अगस्त को देविंदर को राष्ट्रपति वीरता पदक मिला था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा है कि, ‘दो आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार हुए डीएसपी देविंदर सिंह के साथ भी आतंकवादी की तरह व्यवहार किया जाएगा। हम देविंदर सिंह की संलिप्तता को जघन्य अपराध मानते हैं।’

अफजल गुरू से जुड़े थे तार!

सूत्रों के मुताबिक साल 2004 में संसद हमले का दोषी अफजल गुरू ने दावा किया था कि, देविंदर ने उन्हें मोहम्मद नाम के एक शख्स को दिल्ली में किराए पर घर और कार खरीद कर देने को कहा था। बता दें मोहम्मद भी संसद पर हमले में शामिल था। अफजल गुरू को साल 2013 में फांसी दे दी गई थी।

कैसे पकड़ा गया DSP देविंदर

जम्मू-कश्मीर की पुलिस ने जिन दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है उनमें हिजबुल का शोपियां जिला कमांडर सईद नवीद मुश्ताक तथा आसिफ डार शामिल हैं। इन तीनों को उस समय पकड़ा गया जब ये एक साथ एक कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे। पुलिस का कहना है कि, गाड़ी देविंदर ही चला रहा था। देविंदर के घर से छापेमारी के दौरान दो AK-47 राइफल्स और ग्रिनेड मिले हैं।

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