शहीद अश्विनी कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, कमलनाथ भी पहुंचे

चैतन्य भारत न्यूज।

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जबलपुर के अश्विनी कुमार काछी का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद अश्विनी के अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री कमलनाथ भी पहुंचे। उन्होंने शहीद को नमन किया। उनके साथ वित्तमंत्री तरुण भनोट और उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी भी शामिल हुए।अंतिम यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कंधा दिया। हजारों लोग नम आखों से शामिल हुए।शहीद की अंतिम यात्रा में राज्य सरकार के कई मंत्री भी शामिल हुए।

अश्विनी कुमार काछी का पार्थिव शरीर दोपहर में उनके गांव सिहोरा-खुड़ावल पहुंच चुका था। कटनी पुलिस लाइन पर पुलिस कर्मियों समेत शहर के लोगों ने शहीद अश्विनी को श्रद्धाजंलि दी।

गांव में छाया मातम

शहीद जवान अश्विनी काछी के गांव खुड़ावल में चारों तरफ मातम छाया हुआ है। बुजुर्ग माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा छिन गया। बहन के साथ खड़े होने वाला भाई चला गया। वीर शहीद को श्रद्धाजंलि देने हजारों लोग गांव पहुंचे।

नहीं थम रहे मां के आंसू

अपने जिगर के टुकड़े के शहीद होने की खबर मिलने के बाद से ही मां रो-रोकर बेसुध सी हो गई हैं। पल-पल अपने बेटे को याद करती हैं और सरकार से बदला लेने की मांग कर रही हैं। अपने छोटे भाई को खोने के बाद बड़े भाई भी शोक में डूबे हैं।

चार भाई बहनों में सबसे छोटा था अश्विनी 

चार भाइयों और एक बहन में अश्विनी सबसे छोटा था। पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवान अश्विनी कुमार  के पिता सुकरी काछी ने कहा कि वे चाहते हैं कि गांव का हर जवान सेना में जाए। अश्विनी कुमार के परिवार ने सरकार से मांग की है कि आतंकवादियों को इस कायराना हरकत का जवाब दिया जाए।

परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं 

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण सुकरी काछी ने मजदूरी और पत्नी कौशल्या ने बीड़ी बनाकर परिवार का पालन-पोषण किया। जब दो साल पहले अश्विनी की नौकरी लगी तो उन्होंने मां से बीड़ी बनाने का काम छुड़ाया। राज्य शासन ने शहीद के परिजनों को एक करोड़ रुपए की राहत राशि, एक मकान और परिवार के एक व्यक्ति को शासकीय नौकरी देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, प्रदेश को गर्व 

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आतंकी हमले में शहीद जबलपुर जिले के अश्विनी कुमार काछी को बहादुर नौजवान कहते हुए  कहा कि पूरे प्रदेश को उन पर गर्व है। कमलनाथ ने कहा कि यह शहादत बताती है कि हमारे प्रदेश के नौजवानों में देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने का साहस है।

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