भारत पाक के बीच तनाव की ज्योतिष विवेचना

  लेखक परिचय
पी.पी.एस. चावला

ज्योतिष गणनाएं, राशिफल का करीब तीस साल का अनुभव। 80 के दशक से इस विषय में लेखन कर रहे हैं। आपके लेख  ”प्लेनेट्स एंड फॉरकास्ट” पत्रिका में प्रकाशित होते रहे हैं। इसमें प्रकाशित लेख ज्योतिष में परिवर्तन योग और जन्मस्थ शनि पर गोचरस्थ शनि के संचार का प्रभाव ने अच्छी ख्याति अर्जित की थी।

 

भारत पाक के बीच तनाव की ज्योतिष विवेचना

भारत की स्वतंत्रता कुंडली में कर्क राशि स्थित ग्रहों पर वर्तमान में मंगल की दृष्टि है जो कि नीच दृष्टि होती है। इस वजह से अभी 22 मार्च 2019 तक काफी सतर्कता की आवश्यकता है। न केवल हिंसा या किसी प्रकार के शस्त्रों से संबंधित अपितु प्राकृतिक असंतुलन की वजह से होने वाले नुकसान के प्रति भी सजग रहने की आवश्यकता है।
7 मार्च 2019 से भारत की कुंडली में चंद्रमा में गुरु के अंतर में केतु का प्रत्यंतर  चलेगा। केतु जन्म कुंडली में सातवें भाव में वृश्चिक राशि का होकर उच्चवत है एवं गोचर में भी धनु राशि में 7 मार्च को ही प्रवेश करने पर मित्र राशि या उच्चवत धनु राशि में प्रवेश करेगा जो कि गुरु से तृतीय होने से प्रभावकारी एवं अधिकार वृद्धि का संकेत देता है। यह प्रत्यंतर 5 अप्रैल 2019 तक रहेगा। चूंकि यह लग्न से अष्टम रहेगा इसलिए विदेशी भूमि पर शस्त्रों की उपयोगिता या विदेशी भूमि से भारत की भूमि पर शस्त्रों के इस्तेमाल की संभावना को सुरक्षा की दृष्टि से ध्यान रखने की जरूरत है। इसमें भी 22 मार्च 2019 तक का समय ज्यादा विचारने योग्य रह सकता है।
चूंकि पाकिस्तान की कुंडली में भी कर्क राशि स्थित सूर्य, शनि, बुध, शुक्र इत्यादि पर मंगल की नीच दृष्टि रहेगी अतएव संघर्ष की आशंका बनी रह सकती है। पाकिस्तान की चलित लग्न कुंडली के अनुसार चंद्र तृतीय भाव में एवं सूर्य-शनि, बुध, शुक्र चतुर्थ भाव में स्थित हैं। इस मंगल की उनके चतुर्थ भाव में स्थित ग्रहों पर नीच दृष्टि द्वारा उनकी भूमि पर हुए नुकसान को देख चुके हैं। अन्य गोचर की स्थिति बताती है कि संघर्ष दोनों के लिए बराबर है अपितु यह जरूर है कि भारत की स्थिति तुलनात्मक दृष्टि से श्रेष्ठ है।

भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन की चंद्र कुंडली में अभी 18 फरवरी से 3 अप्रैल 2019 तक का समय राहू के वर्ष काल का है, जिसमें 3 मार्च 2019 से कुछबदलाव की स्थिति बनती है, यह बदलाव चिंताजनक हो सकता है। अतः सावधानी रखने की आवश्यकता है। अभी जन्मस्थ बुध पर मंगल की नीच दृष्टि है एवं बुध भी मार्च 2019 में मीन राशि में नीचस्थ रहेगा तथा 5 मार्च से वक्री भी रहेगा अतः निरंतर विचार कर, ईश्वर आराधना कर हर कदम एवं वक्तव्य सोच समझ कर देने की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल की जन्म तारीख के आधार पर बनी चंद्र कुंडली के अनुसार 10 फरवरी 2019 से 25 फरवरी 2019 तक का समय अनुकूल नहीं था अभी 13 मार्च 2019 तक सचेत रहने की आवश्यकता है। इसके बाद 20 मार्च 2019

के बाद एक माह के अंदर अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। इनकी  जन्म की चंद्र कुंडली में शनि-            राहू की युति अद्भुत क्षमता, विशेषकर वायु से संबंधित दर्शाता है। अभी 7 मार्च 2019 से राहू-केतु की गोचरमय स्थिति जन्मस्थ स्थिति के ऊपर से रहेगी जो कि इनकी स्थिति

बलवान बनाए रखेगी। 27 दिसंबर 2019 तक

स्थिति अनुकूल है।

शनि का मकर राशि में गोचर इनके

लिए ढलान का साबित हो सकता है, जिसके लक्षण दिसंबर 2019 से परिलक्षित हो सकते हैं।

(विशेष: ज्योतिष विज्ञान है और स्पष्ट रूप से मान्यता का विषय है। इस लेख में प्रकाशित विचार, अध्ययन और विश्लेषण लेखक का ही है)

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