मिशन ‘गगनयान’ में जाने वाले अंतरिक्ष यात्री बिना पानी के इस तरह नहाएंगे, नासा ने भी मांगी यह तकनीक

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. भारत का स्वदेशी अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ अगले साल दिसंबर में लाॅन्च होने वाला है। मिशन गगनयान में इसरो और आईआईटी दिल्ली एक नया प्रयोग करने वाले हैं। प्रयोग यह है कि अंतरिक्ष यात्री बिना पानी के स्प्रे से ही नहाएंगे।

स्प्रे का इस्तेमाल करने वाला भारत पहला देश

इस स्प्रे को क्लेन्स्टा इंटरनेशनल कंपनी ने आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर तैयार किया है। भारत पहला ऐसा देश होगा जो अंतरिक्ष में नहाने के लिए स्प्रे का इस्तेमाल करेगा। इस स्प्रे का इस्तेमाल किए जाने के लिए नासा भी इसरो के संपर्क में है। दरअसल अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में कम से कम ही सामान ले जाना होता है। वहां उनके नहाने के लिए पर्याप्त पानी भी नहीं होता है। अंतरिक्ष में न नहाने से उनके शरीर में कई तरह के कीटाणु पैदा हो जाते हैं। ऐसे में यात्रियों को नहाने के लिए अलग प्रकार के पानी का उपयोग करना पड़ता है। हैरानी वाली बात तो यह है कि अंतरिक्ष यात्रियों को अपने पेशाब को जमा कर विशेष प्रक्रिया के जरिए रिसाइकिल कर इस्तेमाल करना पड़ता है।

नेवी, आर्मी कमांडो भी कर चुके हैं इस्तेमाल

बिना पानी के नहाने वाले इस स्प्रे को आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर बनाने वाले डॉ. पुनीत गुप्ता ने बताया कि, कुछ साल पहले उनकी मां के पैर में चोट लग गई थी। घाव में पानी से इन्फेक्शन न हो इसलिए डॉक्टर ने पानी न इस्तेमाल न करने की सलाह दी थी। कई दिनों तक वह नहा नहीं पाई थी। उनको बालों और त्वचा में खुजली होने लग गई थी। ऐसे में डॉ. पुनीत को वॉटरलेस बॉडी वॉश बनाने का आइडिया आया। 2018 में उन्होंने इसका स्टार्टअप शुरू किया। फिर इसरो के लिए आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम किया। अब तक नेवी, आर्मी कमांडो पानी की गैरमौजूदगी में इसका इस्तेमाल कर चुके हैं। साथ ही एम्स रायपुर समेत करीब 200 से ज्यादा सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके इस्तेमाल से शरीर से 100% कीटाणु खत्म हो जाते हैं।

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सेल बनेगा

जानकारी के मुताबिक, इसरो और आईआईटी दिल्ली अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सेल स्थापित करेंगे। आईआईटी के निदेशक रामगोपाल राव ने बताया कि, यह सेल हमारी स्पेस टेक्नोलॉजी बाहरी देशों को मुहैया कराने के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नैनो टेक्नोलॉजी, फंक्शनल टेक्सटाइल और स्मार्ट मैन्यूफैक्चरिंग के लिए रिसर्च का काम करेगा।

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