मप्र: झोलाछाप डॉक्टरों को अलग से कोर्स करवाएगी ये यूनिवर्सिटी, जारी किया विज्ञापन

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चैतन्य भारत न्यूज

अब से झोलाछाप डॉक्टरों की भी कमाई के साधन खुल जाएंगे। ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों को भोपाल की अटल बिहारी हिंदी यूनिवर्सिटी अजब-गजब कोर्स कराकर बाकायदा इलाज करने का सर्टिफिकेट देने जा रही है। इस कोर्स का नाम है ‘प्राथमिक चिकित्सा विशेषज्ञ डिप्लोमा कोर्स।’

अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय ने बाकायदा इसका विज्ञापन भी अखबार में दिया गया है। इस इश्तेहार में पीएम मोदी के रोजगार एवं स्वरोजगार का सपना दिखाकर नीम-हकीम और झोलाछाप डॉक्टरों को महज 24 हजार फीस पर बाकायदा एक साल का डिप्लोमा कोर्स कराए जाने का जिक्र है। इसमें लिखा है, ‘नीम-हकीम, झोलाछाप डॉक्टर, ए।एन।एम, मेडिकल स्टोर, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े व्यक्ति और वो सभी जो 12वीं पास हैं प्राथमिक चिकित्सा विशेषज्ञ डिप्लोमा करने हेतु पात्र हैं।’

अखबारों में छपे इस विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और सीएम शिवराज सिंह चौहान की तस्वीरें चस्पा कर साफ अक्षरों में लिखा है कि इस डिप्लोमा के बाद अभ्यर्थी अपना प्राथमिक उपचार केंद्र खोल सकते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति रामदेव भारद्वाज ने बताया कि, ‘कोई भी व्यक्ति जो 12वीं पास है इस कोर्स को कर सकता है। इस में एडमिशन ऑनलाइन होगा। इसकी परीक्षा भी ऑनलाइन होगी और यह एक साल का कोर्स होगा। झोलाछाप हो या कुछ भी हो, 12वीं पास करने के बाद कोई भी व्यक्ति इस कोर्स को कर सकता है। इसमें झोलाछाप का प्रश्न नहीं बल्कि जो पढ़ना चाहता है वे सब पढ़ें, भले ही वह कोई भी हो। वह निजी तौर पर क्या काम करता है, खेती-किसानी करता है, या फिर बाजार में घूमता है, उसका बैकग्राउंड हमारा कंसर्न नहीं है। हमारा कंसर्न है कि जो सिलेबस है उसको वह पढ़े और उसके अनुरूप परीक्षा दे। उसमें यदि वह पास होगा तो उसको सर्टिफिकेट मिलेगा’।

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