6 महीने तक पूरी दुनिया से कट जाते थे लाहौल स्पीति के लोग, अटल टनल से मिलेगी बर्फ की कैद से आजादी

चैतन्य भारत न्यूज

आज वो दिन आ ही गया जिसका हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के लोग सदियों से इंतजार कर रहे थे। आज उन्हें छह माह तक बर्फ की कैद से मुक्ति मिल गई है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल टनल रोहतांग का उद्घाटन किया। यह दिन उनके लिए बहुत बड़ी सौगात लेकर आया है। इस टनल की शुरुआत के साथ ही लाहौल स्पीति के लोगों को सदियों से छह महीने की बर्फ की कैद से आजादी मिल जाएगी।

6 महीने के लिए दुनिया से कट जाते हैं लोग

बता दें लाहौल स्पीति के लोग हर साल पूरी दुनिया से छह महीने के लिए पूरी तरह से कट जाते हैं। रोहतांग दर्रे पर बर्फ के पहाड़ जम जाते हैं तो दुनिया के अन्य हिस्सों में जाने का कोई भी रास्ता यहां के लोगों के पास नहीं होता है। ऐसे में अक्टूबर से लेकर मार्च-अप्रैल तक लोगों को अपने घरों में ही कैद होना पड़ता है। केलांग और उदयपुर को छोड़कर सारे बाजार बंद हो जाते हैं। आबादी वाले हिस्से में औसतन दस से बारह फीट तक बर्फ गिर जाती है। इसलिए लोगों को छह महीने के अनाज, राशन, पानी, लकड़ी, दवा आदि का प्रबंध पहले ही कर लेना पड़ता है।

हिमखंडों की चपेट में आ जाते हैं कई गांव 

ठंड के मौसम में कोकसर, डिंफू, योचे, छीका जैसे कई गांव हिमखंडों की चपेट में आ जाते हैं, इसलिए इनके निवासियों को अपने घर छोड़ देने पड़ते हैं। ये कुल्लू, मनाली आदि में बस जाते हैं। वहां पर भी इनमें से अधिकतर लोग घर बना चुके हैं। प्रसूता महिलाओं को भी प्रसव की संभावित तारीख से पहले ही कुल्लू के लिए निकल जाना पड़ता है। ऐसे में उन्हें 6 महीने के लिए किराए पर कमरे लेने पड़ते हैं. बहुत सी महिलाओं की हिमपात के बीच प्रसव में जान तक चली गई हैं। इसलिए इस गुफा का बनना वहां के लोगों के लिए बहुत ही जरूरी थी।

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