अब जन्म से नहीं बल्कि अपनी पसंद से तय होगा जेंडर, इस देश में बना नया कानून

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चैतन्य भारत न्यूज

ऑस्ट्रेलिया का विक्टोरिया अब पांचवां ऐसा राज्य बन गया है जहां ट्रांसजेंडर और लिंग विविध लोगों को अपने जन्म प्रमाण पत्र में लिंग परिवर्तन करने की इजाजत मिल गई है। विक्टोरियन अपर हाउस में मंगलवार रात ‘जन्म प्रमाणपत्र बिल 26-14’ पारित किया गया। शाही स्वीकृति मिलने के बाद यह आधिकारिक रूप से कानून बन जाएगा।



रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए कानून के तहत ट्रांसजेंडर लोगों को अपने जन्म सर्टिफिकेट में बदलाव करने के लिए सर्जरी करवाना जरुरी नहीं होगा। उन्हें अपने सभी कानूनी दस्तावेज रखने की आजादी होगी और वह सर्जरी से पहले भी अपने दस्तावेज में उस लिंग को दर्ज करवा सकते हैं जिसे वह भविष्य में अपनाना चाहते हैं। इसके अलावा बच्चों को अपने माता-पिता और डॉक्टर की सहमति से लिंग बदलने का अधिकार होगा। वह अपनी मर्जी से सर्टिफिकेट में जेंडर दर्ज करवा सकते हैं। हालांकि, नाबालिग के केस में इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मनोवैज्ञानिक या डॉक्टर के बयान की जरूरत होगी।

विक्टोरिया के मंत्री मार्टिन फोले ने इस कानून के बारे में बताया कि, ‘अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सबूतों के आधार पर यह सामने आया है कि काफी ज्यादा संख्या में तो लोग ऐसे विकल्प नहीं चुनते हैं लेकिन फिर भी यदि कोई ऐसा करना भी चाहता है तो उनके लिए ये विकल्प मौजूद रहेगा।’ उन्होंने आगे इस कानून का मकसद बताते हुए कहा कि, ‘लोगों के जीवन की वास्तविकता ही उनके सर्टिफिकेट में भी नजर आए।’ गौरतलब है कि विक्टोरिया से पहले यह कानून असमानिया, उत्तरी क्षेत्र, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया और ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरीटरी (ACT) में भी बन चुका है।

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