कार्तिक पूर्णिमा और देव दिवाली आज, जानिए महत्व, पूजन-विधि और शुभ-मुहूर्त

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चैतन्य भारत न्यूज हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा सभी पूर्णिमाओं में श्रेष्‍ठ मानी जाती है। मान्‍यता है कि इस दिन भगवान शिव ने देवलोक पर हाहाकार मचाने वाले त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का संहार किया था। हर साल इस पूर्णिमा के दिन देव दिवाली भी मनाई जाती है। एक मान्यता यह भी है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मतस्यावतार लिया था। बता दें इस साल देव दिवाली या कार्तिक पूर्णिमा 30 नवंबर को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा का महत्व, शुभ-मुहूर्त और पूजन-विधि। कार्तिक पूर्णिमा का महत्‍व…

कल है साल 2020 का आखिरी चंद्रग्रहण, जरूर बरतें ये सावधानियां

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चैतन्य भारत न्यूज साल 2020 का आखिरी चंद्रग्रहण 30 नवंबर को है। कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ने वाला यह ग्रहण कुल 04 घंटे 18 मिनट 11 सेकंड तक रहेगा। जबकि, 3:13 मिनट पर यह अपने चरम पर होगा। यह चंद्र ग्रहण भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और एशिया में दिखाई दे सकता है। चंद्रग्रहण में कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है जो इस प्रकार है। ग्रहण को कैसे देख सकते हैं चंद्रग्रहण को देखने के लिए आपको किसी भी विशेष प्रकार की सावधानी बरतने की जरूरत…

आज है बैकुंठ चतुर्दशी, करें भगवान विष्णु और शिव की पूजा, जानें इसका महत्व और पूजा-विधि

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चैतन्य भारत न्यूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को बैकुंठ चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है। इस बार ये चतुर्दशी 29 नवंबर को पड़ रही है। हिन्दू मान्यातओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा का विधान है। इस दिन व्रत रखने का भी विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं इस व्रत का महत्व और पूजन-विधि। बैकुंठ चतुर्दशी का महत्व मान्यताओं के मुताबिक, एक बार विष्णु जी ने काशी में शिव भगवान को एक हजार स्वर्ण कमल के पुष्प यानी फूल चढा़ने…

आज है प्रदोष व्रत, जानिए इसका महत्व और पूजा विधि

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चैतन्य भारत न्यूज हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की आराधना की जाती है। मान्यता है कि प्रदोष के दिन भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष प्राप्त होता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ माता पार्वती की भी पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत से मिलने वाला फल प्रदोष के दिन पूजा-पाठ और दान करने का काफी महत्व है। इस व्रत को करने से कर्ज से…

चार महीने बाद आज योगनिद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु, जानिए देवउठनी एकादशी का महत्व, पूजन-विधि और मंत्र

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चैतन्य भारत न्यूज हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी का काफी महत्व है। इस साल देवउठनी एकादशी 25 नवंबर को पड़ रही है। इस दिन उपवास रखने का विशेष महत्व है। कहते हैं इससे मोक्ष की प्राप्ति होती है। हिंदू मान्‍यताओं के मुताबिक, सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्‍णु चार महीने तक सोने के बाद देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। इसी दिन भगवान विष्‍णु शालीग्राम रूप में तुलसी से विवाह करते हैं। आइए जानते हैं इस व्रत का महत्व और पूजन-विधि। देवउठनी एकादशी का महत्व देवउठनी एकादशी को देवोत्थान एकादशी…

देवउठनी एकादशी : बेहद फलदायी होता है देवउठनी एकादशी का व्रत, जानिए इसके जरूरी नियम

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चैतन्य भारत न्यूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी का त्योहार मनाया जाएगा। इस बार देवउठनी एकादशी 25 नवंबर को पड़ रही है। शास्त्रों के मुताबिक, भगवान विष्णु आषाढ़ शुक्ल एकादशी को चार महीने के लिए सो जाते हैं और एक ही बार कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। देवउठनी एकादशी को हरिप्रबोधिनी एकादशी और देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाता हैं। देवउठनी एकादशी व्रत के नियम निर्जला या सिर्फ ज्यूस और फल पर ही उपवास रखना चाहिए। अगर रोगी, वृद्ध, बालक या व्यस्त व्यक्ति…

25 नवंबर को है देवउठनी एकादशी, जानिए इसको मनाने की पौराणिक मान्यता और शुभ मुहूर्त

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चैतन्य भारत न्यूज कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार देवउठनी एकादशी 25 नवंबर को पड़ रही है। देवउठनी या देवोत्थान एकादशी पर श्री विष्णु की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। आइए जानते हैं आखिर क्यों मनाई जाती है देवउठनी एकादशी और इसका शुभ मुहूर्त। इसलिए मनाई जाती है देवउठनी एकादशी पुराणों के मुताबिक, भाद्रपद मास की शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु ने दैत्य शंखासुर को मारा था। भगवान विष्णु और दैत्य शंखासुर के बीच युद्ध लंबे…

शहीदी दिवस: धर्म की रक्षा करते हुए ऐसे शहीद हुए थे गुरु तेग बहादुर, जानिए उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें

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चैतन्य भारत न्यूज सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर की पुण्यतिथि को शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। गुरु तेग बहादुर आज के दिन यानी 24 नवंबर 1675 को शहीद हुए थे। प्रेम, त्याग और बलिदान के प्रतीक गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। विश्व इतिहास में धर्म और मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांत की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अद्वितीय रहा है। आइए जानते हैं गुरु…

आंवला नवमी : अमृत के समान है आंवला, जानिए इसके सेहत से जुड़े फायदे

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चैतन्य भारत न्यूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में अक्षय नवमी पर्व मनाया जाता है। इस नवमी को आंवला नवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल की आंवला नवमी 23 नवंबर को है। अक्षय नवमी की तिथि पर आंवले के प्रयोगों के साथ-साथ उसके पूजन की भी परंपरा है। आज हम आपको बताएंगे इसे अमर फल क्यों कहा जाता है और इसका वैज्ञानिक महत्व। बहुत मूल्यवान है आंवला पौराणिक दृष्टिकोण से आंवले को रत्नों के समान मूल्यवान माना गया है। कहा जाता है कि शंकराचार्य ने इसी…

गोपाष्टमी आज, इस व्रत को करने से नष्ट होते हैं सभी पाप, जानिए इसकी पौराणिक मान्यता और पूजन-विधि

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चैतन्य भारत न्यूज कार्तिक मास में आने वाली अष्टमी पर गोपाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गो चारण लीला आरंभ की थी जिसके चलते इसे गोपाष्टमी के नाम से जाना जाता है। इस साल गोपाष्टमी 22 नवंबर को पड़ रही है। गोपाष्टमी पर गाय की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। आइए जानते हैं इस गोपाष्टमी का महत्व और पूजा-विधि। गोपाष्टमी का महत्व शास्त्रों में गाय को समस्त प्राणियों की माता कहा गया है। गाय की देह में समस्त देवी-देवताओं का वास माना जाता है। मान्यता…