अयोध्या फैसले पर पीएम मोदी ने कहा- दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कर दिया

narendra modi

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. शनिवार को अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अब तक का सबसे बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन रामलला विराजमान को देने का आदेश जारी किया है। वहीं मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ भूमि दी जाएगी। कोर्ट के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, इसे किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।




पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि, ‘देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।’


पीएम मोदी ने दूसरे ट्वीट में लिखा कि, ‘सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि किसी विवाद को सुलझाने में कानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है। हर पक्ष को अपनी-अपनी दलील रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया। न्याय के मंदिर ने दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कर दिया।’


तीसरे ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा कि, ‘यह फैसला न्यायिक प्रक्रियाओं में जन सामान्य के विश्वास को और मजबूत करेगा। हमारे देश की हजारों साल पुरानी भाईचारे की भावना के अनुरूप हम 130 करोड़ भारतीयों को शांति और संयम का परिचय देना है। भारत के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अंतर्निहित भावना का परिचय देना है।’

बता दें सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि, ‘आस्था के आधार पर जमीन का मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता। फैसला कानून के आधार पर ही दिया जाएगा।’ साथ ही कोर्ट ने शिया वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़ा की याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

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