अयोध्या मामले में अपना केस वापस लेना चाहता है सुन्नी वक्फ बोर्ड! दाखिल किया हलफनामा

ram mandir ayodhya

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. कई सालों से चले आ रहे राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इस मामले में दायर अपने केस को वापस लेने का फैसला किया है। मध्यस्थता पैनल के जरिए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में केस वापस लेने का हलफनामा दाखिल कर दिया है।



बताया जा रहा है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने हलफनामा दाखिल करने से पहले अपने वकीलों से सलाह-मशविरा भी नहीं किया। सुन्नी वक्फ बोर्ड ने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि, ‘वह अपना केस वापस लेना चाहता है।’ यह हलफनामा श्रीराम पंचू द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया गया है। हालांकि, अयोध्या केस के एक पक्षकार इकबाल अंसारी के वकील ने स्पष्ट कहा है कि, ‘न तो उनके मुवक्किल ने और न ही सुन्नी वक्फ बोर्ड ने दावा छोड़ने पर विचार किया है। हम कमिटी के साथ हैं। अगर सुन्नी वक्फ बोर्ड मध्यस्थता के लिए सामने आता है तो वह भी इससे पीछे नहीं हटेंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि, ‘बोर्ड के निर्णय से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वीकार्य होगा।’

बता दें अयोध्या में रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में आठ मुस्लिम पक्षकारों ने केस दायर किए हैं। इनमें से मुख्य पक्षकार सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा दो केस दायर किए गए हैं। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि अब किसी भी तरह के हस्तक्षेप की अर्जी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बुधवार को हो रही सुनवाई के दौरान रंजन गोगोई ने कहा कि, ‘आज शाम 5 बजे तक हर हाल में बहस पूरी होगी।’

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