राम मंदिर जमीन विवाद पर चम्पत राय की सफाई, कहा- पारदर्शिता के साथ खरीदी गई जमीन

चैतन्य भारत न्यूज

राम मंदिर निर्माण के लिए राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन पर घोटाले का आरोप लगा है। अयोध्या के पूर्व विधायक और सपा सरकार में राज्य मंत्री रहे तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवाल उठाए हैं। इसके बाद से ही राम मंदिर निर्माण को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। राम मंदिर की जमीन खरीदने को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बयान जारी किया है।

महासचिव चम्पत राय ने कहा कि श्री राम जन्म-भूमि मन्दिर को वास्तु शास्त्र के अनुसार भव्य स्वरूप प्रदान कराने, शेष परिसर को सभी प्रकार से सुरक्षित तथा दर्शनार्थियों के लिए सुविधापूर्ण बनाने के लिए ट्रस्ट कार्य कर रहा है। इस मन्दिर के पूर्व व पश्चिम भाग में निर्माणाधीन परकोटा व रिटेनिंग वॉल की सीमा में आने वाले महत्वपूर्ण मन्दिरों/स्थानों को परस्पर सहमति से खरीदा गया है।

तीर्थ क्षेत्र का निर्णय रहा है कि इस प्रक्रिया में विस्थापित होने वाले प्रत्येक संस्थान/व्यक्ति को पुनर्वासित किया जायेगा। पुनर्वास हेतु भूमि का चयन सम्बन्धित संस्थानों/व्यक्तियों की सहमति से किया जा रहा है। बाग बिजेसी, अयोध्या स्थित 1।20 हेक्टेयर भूमि इसी प्रक्रिया के अन्तर्गत महत्वपूर्ण मन्दिरों जैसे कौशल्या सदन आदि की सहमति से पूर्ण पारदर्शिता के साथ खरीदी गई है।

बयान में कहा गया है कि ध्यान देने योग्य है कि उपर्युक्त वर्णित भूमि अयोध्या रेलवे स्टेशन के नजदीक मार्ग पर स्थित एक प्रमुख स्थान (प्राइम लोकेशन) है। इस भूमि के सम्बन्ध में वर्ष 2011 से वर्तमान विक्रेताओं के पक्ष में अलग-अलग समय (2011, 2017 व 2019 ) में अनुबन्ध सम्पादित हुआ। खोजबीन करने पर यह भूखण्ड हमारे  उपयोग के लिए अनुकूल पाए गए जिसके बाद सम्बन्धित व्यक्तियों से सम्पर्क किया गया। भूमि का जो मूल्य मांगा गया, उसकी तुलना वर्तमान बाजार मूल्य से की गयी, अन्तिम देय राशि लगभग 1,423/ रुपये प्रति वर्गफीट तय हुई जो निकट के क्षेत्र के वर्तमान बाजार मूल्य से बहुत कम है।

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