राम मंदिर: 81 वर्षीय महिला ने नहीं ग्रहण किया अन्न, 28 साल बाद 5 अगस्त को पूरा होगा संकल्प

चैतन्य भारत न्यूज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। राम मंदिर निर्माण के लिए लोगों ने कई तरह के प्रण लिए थे जो अब जाकर पूरे होंगे। इन्हीं में से एक हैं मध्यप्रदेश के जबलपुर में रहने वाली 81 साल की बुजुर्ग महिला उर्मिला देवी। उनकी वर्षों की तपस्या पूरी हो अब जाकर पूरी होने वाली है।

जानकारी के मुताबिक, 06 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के बाद दंगे हुए थे, उस समय उर्मिला देवी ने संकल्प लिया था कि राम मंदिर की नींव रखे जाने तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगी। पहले लोगों ने उन्हें अपना उपवास तोड़ने के लिए काफी समझया था लेकिन वे अपने फैसले पर अडिग रहीं। वे पिछले 28 सालों से फलाहार के साथ राम नाम का जाप करते हुए उपवास पर हैं।

जब नवंबर में राम मंदिर के पक्ष में फैसला आया तो वो बहुत खुश हुईं। उन्होंने फैसला सुनाने वाले उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर बधाई दी थी। 5 अगस्त को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर की नींव रखेंगे तब उर्मिला देवी दिनभर अपने घर में राम नाम का जाप करेंगी। उर्मिला देवी यह चाहती हैं कि वह अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के बाद ही अन्न ग्रहण करेंगी। उनके परिवार ने यह समझाने की कोशिश भी की है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से केवल आमंत्रित लोग ही अयोध्या जा सकते हैं। ऐसे में उन्हें पर उपवास तोड़ लेना चाहिए लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं।

अयोध्या में बिताना चाहती हैं बाकी जीवन

उर्मिला का कहना है कि अयोध्या में राम मंदिर बनना उनके लिए पुनर्जन्म जैसा है। उनका कहना है कि संकल्प पूरा हो गया है और अब उनकी इच्छा अयोध्या में बाकी का जीवन बिताने की है। इसके लिए उन्हें थोड़ी सी जगह चाहिए।

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