28 साल बाद राम जन्मभूमि परिसर में शिवलिंग का रुद्राभिषेक ताकि मंदिर निर्माण में कोई बाधा न आए, भूमि पूजन के लिए पीएम मोदी को भेजा जाएगा निमंत्रण

ram mandir

चैतन्य भारत न्यूज

अयोध्या. रामजन्मभूमि परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षित स्मारक कुबेर टीला पर प्रतिष्ठित कुबेरेश्वर महादेव का वनवास 28 साल बाद बुधवार को आषाढ़ कृष्ण पंचमी के पर्व पर खत्म हो गया। इस मौके पर कुबेरेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया गया। रुद्राभिषेक के समय महंत कमलनयन दास के साथ संत सभा अध्यक्ष कन्हैया दास, आचार्य आनंद शास्त्री भी मौजूद रहे।

श्रीराममंदिर निर्माण में कोई विघ्न बाधा न आए इसकी कामना से रामजन्मभूमि परिसर में 28 साल बाद कुबेर टीला स्थित कुबेरेश्वर महादेव का आज सुबह रुद्राभिषेक शुरू हुआ। बता दें पिछले 28 साल से रामजन्म भूमि के अधिग्रहण होने के बाद से ही यहां कुबेरेश्वर महादेव की पूजा नहीं हुई थी। कुबेरेश्वर महादेव का यह अभिषेक 6 दिसंबर 1992 के बाद पहली बार हुआ है क्योंकि कुबेर टीला केन्द्र सरकार की ओर से सात जनवरी 1993 में पारित सरटेन एरिया एक्यूजीशन एक्ट आफ अयोध्या के अन्तर्गत भूमि अधिग्रहण की सीमा में आ गया था।

फिलहाल ट्रस्टियों की गैर मौजूदगी में ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास शास्त्री और संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास रामायणी ने आराध्य का अभिषेक मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर करने व कोरोना की वैश्विक महामारी से विश्व को बचाने की प्रार्थना की।

रविवार को दिल्ली में राममंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की बैठक हुई जिसमें यह निर्णय लिया गया है कि शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयोध्या आने का आमंत्रण दिया जाएगा। बैठक में नरेंद्र मोदी से शिलान्यास करवाने के लिए वक्त लेने और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक शीघ्र ही राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर उन्हें राममंदिर के शिलान्यास के लिए अयोध्या आने का निमंत्रण देंगे।

 

Related posts