आयुष्मान भारत योजना का बड़ा फर्जीवाड़ा, एक परिवार में 1700 आयुष्मान कार्ड, 171 अस्पताल योजना से हुए बाहर

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चैतन्य भारत न्यूज 

नई दिल्ली. विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat Yojana) में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि, आयुष्मान भारत योजना के तहत दो लाख से अधिक फर्जी गोल्डन कार्ड बना दिए गए हैं।



दैनिक भास्कर में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के एक ही परिवार के 57 लोगों ने अपनी आंख का ऑपरेशन करवा लिया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड और गुजरात मिलाकर इस तरह के दो लाख से अधिक फर्जी मामले पकड़े गए हैं। ये दो लाख कार्ड नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) के ही आईटी सिस्टम ने पकड़े हैं। फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है, इसलिए माना जा रहा है कि विस्तृत जांच होने पर फर्जीवाड़े का यह आंकड़ा और ज्यादा बढ़ सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के एएसजी अस्पताल में एक ही परिवार के 109 कार्ड बनाए गए हैं। इन 109 कार्ड के जरिए ही 57 लोगों ने अपनी आंख का ऑपरेशन करवाया है। ठीक इस तरह गुजरात के एक अस्पताल में भी एक ही परिवार के नाम पर 1700 लोगों के कार्ड बना दिए गए हैं इसमें दूसरे राज्यों के लोग भी सदस्य बनाए गए हैं। मध्य प्रदेश में एक परिवार के 322 कार्ड बने हैं।

एनएचए के डिप्टी सीईओ प्रवीण गेडाम ने बताया कि, राज्यों से पूरा डेटा मंगाया गया है। उसके बाद ही फर्जीवाड़े की असल स्थिति सामने आएगी। अभी जो डेटा हमें मिला है, वह शुरुआती है। जरूरी नहीं कि सारे मामले फर्जी ही निकले। इसलिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाएगा।’

नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) को इस बारे में तब शक तब हुआ जब निजी अस्पतालों ने लगातार बड़े-बड़े बिल सरकार को भेजने शुरू किए। शुरुआती जांच में 65 अस्पताल पकड़े गए, जिन्होंने सरकार को फर्जी बिल भेजे थे। इन अस्पतालों को तो बिलों का भुगतान भी किया जा चुका था। लेकिन जब इनका फर्जीवाड़ा सामने आया तो सरकार ने इन अस्पतालों से 4 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूल लिया है। सूत्रों के मुताबिक, फर्जी बिल भेजने वाले 171 अस्पतालों को योजना से बाहर कर दिया गया है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के 700 और बिहार के 650 से ज्यादा बिलों को भी संदिग्ध पाया गया है। हालांकि, अब तक इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।

बता दें आयुष्मान भारत योजना सितंबर 2018 में शुरू हुई थी। इस योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख लोगों का इलाज हो चुका है। इसके बदले भारत सरकार की ओर से अस्पतालों को 4,592 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

 

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