चारधाम यात्रा 2021ः 8 मई को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, राजदरबार को सौंपा गया गाडू घड़ा

चैतन्य भारत न्यूज

वसंत पंचमी के दिन बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित कर दी गई है। चार धाम में से एक बद्रीनाथ धाम के कपाट मंगलवार, 18 मई की सुबह 4:15 बजे दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। बता दें गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट हर साल अक्षय तृतीया पर खुलते हैं। इस साल अक्षय तृतीया 14 मई को है। जबकि शिवरात्रि पर 11 मार्च को केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीख तय होगी।

टिहरी नरेश की मौजूदगी में तिथि घोषित

टिहरी नरेश और महारानी की मौजूदगी में नरेंद्रनगर राजदरबार में श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने और महाभिषेक के लिए तिलों का तेल निकालने की तिथि घोषित की गई। बद्रीनाथ धाम के धर्माधिकार भुवनचंद्र उनियाल ने बताया वसंत पंचमी के अवसर पर कुलपुरोहित और पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा अर्चना कर कपाट खोलने की तिथि निकाली गई है।

तिल के तेल से होता है बद्रीनाथ का अभिषेक

16 फरवरी को गाडू घड़ा (तेल कलश) नृसिंह मंदिर जोशीमठ और योग ध्यान बदरी पांडुकेश्वर में पूजा अर्चना के बाद राजदरबार को सौंपा गया। जब बद्रीनाथ के कपाट खुलते हैं, तब इसी घड़े में तिल का तेल भरकर डिमरी पुजारी बद्रीनाथ पहुंचते हैं। कपाट खुलने के बाद इस तेल से भगवान का अभिषेक किया जाता है।

आदिगुरु शंकराचार्य के गांव से नियुक्त होते हैं रावल

रावल ईश्वरप्रदास नंबूदरी 2014 से बद्रीनाथ के रावल हैं। बद्रीनाथ कपाट बंद होने के बाद वे अपने गांव राघवपुरम चले जाते हैं। ये गांव केरल के पास है। आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा तय की गई व्यवस्था के मुताबिक ही रावल नियुक्त किए जाते हैं। केरल स्थित राघवपुरम गांव में नंबूदरी संप्रदाय के लोग रहते हैं। इसी गांव से रावल नियुक्त किए जाते हैं। रावल आजीवन ब्रह्मचारी रहते हैं।

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