पुण्यतिथि विशेष: बाल ठाकरे के जीवन से जुड़े वो किस्से जिसे लेकर वे सुर्खियों में रहे, फिल्मी दुनिया से भी रहा है नाता

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चैतन्य भारत न्यूज

देशभर में ऐसे कई राजनेता हैं जिन्हें उनके अलग-अलग कार्यों के लिए याद किया जाता है। उन्हीं में से एक नाम है बाल ठाकरे, जिनकी आज पुण्यतिथि है। बाल ठाकरे मराठी गौरव और हिंदुत्व के प्रतीक थे। बाल ठाकरे के जोशीले अंदाज ने ही उन्हें शिवसैनिकों का भगवान बना दिया। आइए जानते हैं बाल ठाकरे से जुड़ी कुछ खास बातें-



  • बाल ठाकरे का जन्म 23 जनवरी 1926 को पुणे में हुआ था।
  • लोग उन्हें प्यार से बालासाहेब ठाकरे भी कहकर बुलाते थे।

  • बाल ठाकरे ने अपने करियर की शुरुआत बतौर कार्टूनिस्ट की थी। उन्होंने आरके लक्ष्मण के साथ अंग्रेजी दैनिक फ्री प्रेस जर्नल में 1950 के दशक के अंत में यह काम शुरू किया था।
  • 1960 में उन्होंने कार्टून साप्ताहिक ‘मार्मिक’ की शुरुआत करके एक नए रास्ते की तरफ कदम बढ़ाया।
  • बाद में उन्होंने अपना स्वतंत्र अखबार निकाला।
  • 19 जून 1966 को बाल ठाकरे ने शिवसेना के नाम से एक प्रखर हिन्दू राष्ट्रवादी दल का गठन किया और सत्ता के गलियारों तक का रास्ता बनाया।
  • शिवसेना का गठन कर बाल ठाकरे ने मराठियों की तमाम समस्याओं को हल करने की जिम्मेदारी अपने सिर ले ली।
  • इसके बाद उन्होंने मुखपत्र ‘सामना’ की शुरुआत की।
  • बाल ठाकरे ने महाराष्ट्र में मराठियों की एक ऐसी सेना बनाई, जिनका इस्तेमाल वह विभिन्न कपड़ा मीलों और अन्य औद्योगिक इकाइयों में मराठियों को नौकरियां आदि दिलाने में किया करते थे।
  • शिवसेना ने कम ही समय में अपनी जड़ें जमा लीं और 1980 के दशक में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) पर कब्जा कर लिया।
  • भाजपा के साथ साल 1995 में गठबंधन करना बाल ठाकरे के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा मौका था।
  • उन्होंने कभी भी मुख्यमंत्री का पद कभी नहीं संभाला।
  • बाल ठाकरे अपनी बेबाक और विवादित बयानों के लिए काफी मशहूर रहे थे।
  • बाल ठाकरे मुस्लिम समुदाय को अक्सर ही अपने निशाने पर रखते थे। उन्होंने एक बार मुस्लिम समुदाय को ‘कैंसर’ तक कह डाला था।
  • बाल ठाकरे के स्वभाविक वारिस के तौर पर सभी लोग उनके बेटे उद्धव ठाकरे को नहीं बल्कि भतीजे राज को देखते थे। कहा जाता था कि ठाकरे पार्टी की कमान राज को हीं सौंपेंगे लेकिन इसके ठीक उलट हुआ। उद्धव के हाथों में पार्टी की कमान आने के बाद राज ने शिवसेना छोड़ अपनी पार्टी ‘मनसे’ बना ली।

  • बाल ठाकरे का फिल्मी दुनिया से भी गहरा नाता रहा है। जब संजय दत्त टाडा कानून के तहत मुश्किल में थे, उस मुश्किल वक्त में उन्हें बचाने के लिए बाल ठाकरे ने हर संभव मदद की थी।
  • दिलीप कुमार और बाल ठाकरे के बीच एक वक्त गहरी दोस्ती थी। एक इंटरव्यू के दौरान तो बाल ठाकरे ने कहा था कि, ‘दिलीप उनके साथ शाम की बैठक लगाते थे लेकिन बाद में पता नहीं क्या हुआ कि वो मुझसे दूर चले गए।’

  • बाल ठाकरे क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को बेहद पंसद करते थे। लेकिन जब एक बार सचिन ने कहा था कि, ‘महाराष्ट्र पर पूरे भारत का हक है’ तो बाल ठाकरे उनपर गरजते हुए बोले थे कि, ‘वे क्रिकेट की पिच पर हीं रहें, राजनीति का खेल हमें खेलने दें।’
  • 17 नवंबर, 2012 को मुंबई स्थित अपने आवास मातोश्री में उन्होंने अंतिम सांस ली।

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