वैज्ञानिकों की चेतावनी- गंजे लोगों को कोरोना संक्रमण का है ज्यादा खतरा

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना वायरस ने दुनियाभर में कोहराम मचा रखा है। अब तक इस वायरस ने लाखों लोगों की जान ले ली है। कोरोना को लेकर हजारों शोध, अध्ययन और सर्वे हो चुके हैं लेकिन इसकी अब तक न तो कोई वैक्सीन मिली और न ही कोई दवा। इस वायरस की संरचना और इसके लक्षणों से लेकर मौत के जोखिम तक ढेर सारे तथ्य सामने आ चुके हैं। शुरुआत में कहा गया था कि कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों, बुजुर्गों और पहले से ही गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को इससे ज्यादा खतरा है। लेकिन अब कहा जा रहा है कि गंजे लोगों को कोरोना के गंभीर संक्रमण का ज्यादा खतरा है।

कई शोधों में यह भी बताया जा चुका है कि पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों को इसका खतरा ज्यादा है। अब अमेरिका में हुई दो स्टडी इस बात की तस्दीक करते हैं कि गंजे पुरुषों को कोरोना के गंभीर संक्रमण का ज्यादा खतरा है और उनकी मौत की आशंका भी अधिक हो सकती है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि बाल झड़ने के पीछे एंड्रोजन हार्मोन जिम्मेदार होते हैं। कोरोना वायरस के कई सबसे खराब मामलों में इस हार्मोन का संबंध पाया गया है।

अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और रिसर्च के प्रमुख लेखक कार्लोस वैम्बियर ने ब्रिटिश टेलिग्राफ से कहा कि, ‘हम वास्तव में ऐसा समझते हैं कि गंजापन कोरोना के गंभीर खतरे का संकेत दे सकता है। हमें लगता है कि एंड्रोजन शरीर में वायरस की एंट्री के लिए गेटवे का काम करता है।’ वैज्ञानिकों ने स्पेन में इसको लेकर दो स्टडी की। दोनों में ये सामने आया कि हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले कोरोना पीड़ितों में गंजे लोगों का अनुपात अधिक है।

गंजेपन का संबंध
यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता कार्लोस वैम्बियर का कहना है कि कोरोना संक्रमण होने और स्थिति गंभीर होने से गंजेपन का भी संबंध है। रिपोर्टों के मुताबिक, कोरोना से गंजेपन का संबंध समझने के लिए दो रिसर्च स्टडी की गईं और दोनों में ही नतीजे एक जैसे ही निकले। पहली रिसर्च स्टडी स्पेन के अस्पताल में 41 कोरोना मरीजों पर की गई। इसमें सामने आया कि इनमें से 71 फीसदी मरीज गंजे थे। दूसरी स्टडी 122 पुरुषों पर हुई, जो कि अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी में प्रकाशित हुई। इसके मुताबिक, 122 में से 79 फीसदी कोरोना मरीज गंजे थे।

अधिक शोध की जरूरत

कार्लोस ने यह भी कहा कि एंड्रोजन हार्मोन कोरोना के लिए कोशिका को संक्रमित करने का द्वार हो सकता है। वहीं, कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि गंजेपन और कोरोना का संबंध समझने के लिए अभी और अधिक शोध करने की जरूरत है।

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