31 जनवरी से बैंक की हड़ताल, इन कारणों से बंद रहेंगे बैंक

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. बैंक यूनियनों ने 31 जनवरी से 1 फरवरी तक देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। 2 दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है। वहीं 2 फरवरी को रविवार होने के कारण बैंकों में अवकाश है। यानी अगले तीन दिन तक बैंक बंद रहेंगे।



यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) नामक बैंकिंग यूनियन के कर्मचारी यूनियनों ने 31 जनवरी से दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। एआईबीओसी के अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि, ‘मुख्य श्रम आयुक्त के सामने सोमवार को हुई बैठक का कोई हल नहीं निकला। इसीलिए कर्मचारी संगठन हड़ताल जारी रखेंगे।’ दरअसल बैंककर्मी लंबित मांगों का निराकरण नहीं करने से नाराज हैं।

जानकारी के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों के वेतन संशोधन का मामला नवंबर 2017 से लंबित है। ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कान्फेडरेशन (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि, ‘भारतीय बैंक संघ (IBA) ने कोई स्पष्ट भरोसा नहीं दिया है। इस वजह से हड़ताल को लेकर दिया गया नोटिस वापस नहीं लिया गया है।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘आईबीए के रुख में कोई बदलाव न होने से हमें हड़ताल पर जाना होगा, इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित होगा। इसको देखते हुए बैंक ग्राहकों से सहयोग की अपील करते हैं। लेकिन इसे हमपर बैंक प्रबंधन और आईबीए ने थोपा है।’

यूनियन की ओर से जारी सूचना में बैंक यूनियनों ने उनकी मांगे पूरी नहीं होने पर 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है। साथ ही लगातार 3 दिन 11, 12 और 13 मार्च को भी बैंक ने हड़ताल करने का निर्णय किया है। ऐसे में मार्च में होली और अन्य छुट्टी को मिलाकर करीब 8 दिन बैंक बंद होने के आसार हैं। इससे पहले देशव्यापी हड़ताल अक्टूबर 2019 में बुलाई गई थी। तब बैंकों के विलय के विरोध में हड़ताल बुलाई गई थी।

ये हैं बैंक यूनियनों की मांगें

  • वेतन में कम से कम 20 फीसदी की वृद्धि की जाए।
  • बैंकों में हफ्ते में 5 दिन ही काम हो।
  • बेसिक पे में स्पेशल भत्ते का विलय हो।
  • एनपीएस को खत्म किया जाए।
  • परिवार को मिलने वाली पेंशन में सुधार।
  • स्टाफ वेलफेयर फंड का परिचालन लाभ के आधार पर बांटना।
  • रिटायर होने पर मिलने वाले लाभ को आयकर से बाहर करना।
  • कांट्रैक्ट और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट के लिए समान वेतन।

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