बरेली यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा तीन तलाक कानून, ताकि मिल सके न्याय

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चैतन्य भारत न्यूज

बरेली. उत्तरप्रदेश के बरेली में स्थित महात्मा ज्योतिबाफुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में तीन तलाक कानून को कोर्स में शामिल किया गया है। यूनिवर्सिटी में एलएलबी और एलएलएम के विद्यार्थियों को फैमिली लॉ के अंतर्गत तीन तलाक कानून पढ़ाया जाएगा। बता दें बरेली यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी है, जहां तीन तलाक कानून को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।


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यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि, विधि की बोर्ड ऑफ स्टडीज के समक्ष एलएलबी/एलएलएम के पाठ्यक्रम में इस विषय के संशोधन के लिए प्रस्ताव रखा गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, इस प्रस्ताव में दो महत्वपूर्ण संशोधन हुए है, पहला- मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम (तीन तलाक कानून) और दूसरा भू-राजस्व संहिता। उन्होंने यह भी बताया कि, साल 2016 में यूपी जमींदारी अधिनियम को सरकार ने निरस्त कर दिया था। बावजूद इसके यूनिवर्सिटी में पिछले तीन साल से लॉ के विद्यार्थियों को यही पढ़ाया जा रहा था।

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यूनिवर्सिटी ने यह उम्मीद जताई है कि उनके इस फैसले से अच्छे नतीजे देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने इस विषय को अपने पाठ्यक्रम में सिर्फ इसलिए शामिल नहीं किया है कि विद्यार्थी इस एक्ट के प्रावधान समझ सकें बल्कि यह एक अच्छी केस स्टडी करने के लिए भी है। उन्होंने यह फैसला इसलिए किया ताकि छात्र अच्छे वकील बनें और लोगों को न्याय दिलाने में मदद कर सकें। गौरतलब है कि तीन तलाक बिल जुलाई महीने के आखिरी सप्ताह में लोकसभा और राज्यसभा से पारित किया गया था। संसद में बिल पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति द्वारा भी मंजूरी दे दी गई।

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