अच्छे पैरेंट्स बनने के लिए आपको बनना होगा ‘हैप्पी कपल’, जानें कुछ खास पैरेंटिंग टिप्स

happy couple

चैतन्य भारत न्यूज

लगभग सभी पैरेंट्स अपने बच्चों की शिकायतें करते हैं, उनकी शरारतों, खराब आदतों और कमियों के बारे में बात करते हैं लेकिन पैरेंट्स को पहले यह देखना होगा कि वह खुद क्या कर रहे हैं। यदि आपको हैप्पी चाइल्ड चाहिए तो इसके लिए पहले आपको हैप्पी कपल बनना पड़ेगा।


पहले खुद की आदतें बदलें

बच्चों की आदतें बदलने से पहले आपको अपनी आदतों को बदलना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चे वहीं सीखते हैं जो वो देखते हैं और जिस माहौल में रहते हैं। यदि पैरेंट्स अपने बच्चों को मोबाइल, टेबलेट और टीवी से दूर रखना चाहते हैं तो पहले उन्हें खुद को इन सभी से दूरी बनानी पड़ेगी। यदि आप अपने खानपान, अपनी आदतें और काम को लेकर फोकस्ड हैं, परफेक्ट हैं और पंक्चुअल हैं तो आपका बच्चा भी वैसा ही होगा। बच्चों को कुछ भी सिखाने से पहले हमें यह जानना होगा कि हम खुद क्या कर रहे हैं? पैरेंट्स बनना तो बेहद आसान हैं लेकिन एक अच्छा इंसान बनना मुश्किल है। इसलिए पैरेंट्स बनने से पहले यह बात जानना बेहद जरुरी है कि अपने बच्चों कि अच्छी परवरिश किस तरह की जा सकती है। इसका सबसे अच्छा तरीका है कि आप उनकी भावनाओं के केंद्र में ही रहे।

अनजाने में माता-पिता ही कर जाते हैं खिलवाड़

बच्चों के साथ अनजाने में कई बार माता-पिता ही खिलवाड़ कर जाते हैं। जब भी बच्चा उनसे चॉकलेट या स्नैक्स मांगता है तो पैरेंट्स उन्हें दे देते हैं। फिर वह और मांगता है तो और दे देते हैं। न देने पर बच्चा रोने लगता है और फिर उसे चुप कराने के लिए पैरेंट्स बच्चों की हर जिद पूरी कर देते हैं। ऐसे में हम उन्हें यह सिखाते हैं कि कैसे अपनी बात मनवाई जाए। फिर जब भी पैरेंट्स बच्चों को ना करते तब तक वह न सुनने का आदि नहीं रहता है। ऐसे में वह गलतियां करता जाता है।

बच्चों को सोच को समझें

यदि आप बच्चों को कोई बात समझाना चाहते हैं तो सबसे पहले उनकी सोच को समझना बहुत जरुरी है। आप बच्चों से भावात्मक रूप से जुड़े ताकि वह भी आपसे भावात्मक रूप से जुड़ सके। आप बच्चों की बात को ध्यान से सुने और यदि वो कोई गलती कर रहे हैं तो उन्हें उनके सोचने के तरीके के अनुरूप ही उन्हें समझाएं। जब बच्चा आपसे कोई बात कहे तो उसे पूरा समय दें। यदि आप बच्चों को समय नहीं देंगे तो वह आपने कंट्रोल से बाहर होते जाएंगे।

ये भी पढ़े…

एक ऐसा देश जहां ट्रेन की बागडोर संभालते हैं नन्हें बच्चे, निभाते हैं हर जिम्मेदारी

पढ़ाई के साथ-साथ खेल में कोचिंग भी कर सकते हैं बच्चे, खेल मंत्रालय देता है ये सुविधाएं

अलगाव की चिंता भी बच्चों में गंभीर समस्या, उबार सकता है सहयोग, स्कूल की अच्छी बातें

Related posts