भारत रत्न पाने वाले व्यक्ति को दी जाती हैं ये खास सुविधाएं…

चैतन्य भारत न्यूज

देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को गुरुवार को भारत का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। न सिर्फ प्रणब मुखर्जी बल्कि इनके अलावा जनसंघ के नेता रहे नाना जी देशमुख और प्रख्यात गायक, संगीतकार और गीतकार भूपेन हजारिका को भी मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि भारत रत्न पाने वाले व्यक्ति को क्या-क्या सुविधाएं दी जाती है। हम आपको इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

बता दें भारत रत्न सम्मान में एक पदक और प्रशस्ति पत्र (Praise Letter) दिया जाता है। भारत रत्न से सम्मानित व्यक्ति को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला सर्टिफिकेट और एक प्राचीन पदक भी दिया जाता है। यह पदक पीपल के पत्ते के आकार का 5.8 सेमी लंबा, 4.7 सेमी चौड़ा और 3.1 मिमी मोटा होता है। यह तांबे का बना होता है। इसपर चमकते हुए सूरज की कलाकृति बनी होती है। इसके नीचे हिंदी में ‘भारत रत्न’ लिखा होता है।

क्या सम्मान पाने वाले को मिलते हैं पैसे?

दूसरे अवार्ड्स की तरह भारत रत्न पाने वाले व्यक्ति को कोई रकम नहीं दी जाती है। हालांकि, इसे पाने वाले को कई प्रकार की सुविधाएं जरूर मिलती हैं। यदि भारत रत्न सम्मानित व्यक्ति किसी राज्य में जाते हैं तो राज्य सरकार अतिथि के रूप में उनका स्वागत करती है। साथ ही उन्हें परिवहन, बोर्डिंग और राज्य में ठहरने की सुविधा देती है। उन्हें सुरक्षा भी दी जाती है। राज्य अतिथि परिवार के सदस्यों (पति / पत्नी और बच्चों) को भी ये सभी सुविधा प्रदान करता है। इसी के साथ व्यक्तिगत स्टाफ और ड्राइवर भी दिए जाते हैं।

विदेश यात्रा के दौरान भारत रत्न सम्मानित व्यक्ति को विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास उनकी यात्राओं पर उचित सुरक्षा प्रदान करते हैं। साथ ही वह एक डिप्लोमैटिक पासपोर्ट के भी हकदार होते हैं। बता दें इस पासपोर्ट में मरून रंग का कवर होता है। यह हर व्यक्ति के लिए जारी नहीं होता। डिप्लोमैटिक पासपोर्ट विदेश विभाग के अधिकारियों के अलावा सांसदों और कुछ चुनिंदा लोगों के लिए ही जारी किया जाता है। उन्हें एयर इंडिया पर लाइफटाइम फ्री एक्जीक्यूटिव क्लास यात्रा करने की सुविधा दी जाती है।

भारत रत्न से सम्मानित व्यक्ति को टेबल ऑफ प्रेसिडेंस (वरीयता क्रम) में 7A पोजिशन पर जगह दी जाती है। यह सरकारी कार्यक्रमों में वरीयता देने के लिए होता है। बता दें 2011 से पहले कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जाता था लेकिन 2011 में संशोधन किया गया जिसके बाद भारत रत्न हासिल करने वाले किसी भी क्षेत्र के हो सकते हैं।

 

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