प्रेगनेंसी में मां का व्यायाम बच्चे के लिए भी होता है फायदेमंद

pregnant women exercise

चैतन्य भारत न्यूज

गर्भावस्था के नौ महीने के दौरान शिशु का विकास और पोषण मां के खानपान पर ही निर्भर करता है। स्थापित तथ्य है कि मां का खान-पान, आचार विचार ही बच्चे के स्वस्थ भविष्य की नींव रखते हैं। हालांकि यह वक्त मां के लिए कठिन भी होता है और उसे काफी सावधानी बरतना होती है। यह भी आम धारणा है कि गर्भवती को ज्यादा मेहनत के कार्य नहीं करना चाहिए लेकिन अब वैज्ञानिकों ने शोध के जरिए यह साबित कर दिया है कि मां के व्यायाम करने से बच्चे को जन्म के बाद भी फायदा मिलता है।

गर्भावस्था के दौरान शारीरिक सक्रियता से डिलीवरी या प्रसव में आसानी होती है। अब शोध में पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान मां के हल्का व्यायाम करने से इस बात पर भी असर पड़ता है कि जन्म के बाद बच्चा कितनी अच्छी तरह विकास करेगा। उम्र बढ़ने के साथ बच्चे की सक्रियता पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की ईस्ट कैरोलिना यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर लिंडा ई. मे ने इस संबंध में एक शोध किया है।

2011 में एक अध्ययन के दौरान मे और उनकी टीम ने नवजात बच्चों के हृदय का तुलनात्मक अध्ययन किया था। इसमें पाया गया कि जिन बच्चों की मां ने गर्भावस्था के दौरान व्यायाम किया था, उनका हृदय अन्य बच्चों की तुलना में मजबूत था। उनके हृदय की धड़कन भी बहुत तेज नहीं थी और दिल की मांसपेशियों की स्थिति भी बेहतर थी। इस अध्ययन से मे की टीम ने निष्कर्ष निकाला कि संभवत: कसरत करते समय गर्भ में पल रहे शिशु का हृदय भी मां के साथ सक्रिय हो उठता है। इससे बच्चे को भी वही फायदे हुए जो मां को होते हैं। अब मे की टीम इस सवाल पर काम कर रही है कि मां के व्यायाम करने से दिल के अलावा बच्चे के शारीरिक विकास पर भी असर पड़ता है या नहीं।

दो समूहों में बांटकर किया गया शोध

अध्ययन के लिए 71 स्वस्थ गर्भवती महिलाओं को शामिल किया गया। इन्हें दो समूहों में बांटा गया। एक समूह ने अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रखी, जबकि दूसरे समूह से नियमित अंतराल पर हल्का व्यायाम कराया गया। प्रयोग प्रसव होने तक जारी रखा गया। सभी महिलाओं ने स्वस्थ और सामान्य वजन के बच्चों को जन्म दिया था। जन्म के महीनेभर बाद सभी बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं ने गर्भावस्था के दौरान व्यायाम किया था, उनके बच्चे सभी पैमानों पर अन्य से बेहतर थे। उनकी हडि्डयों और मांसपेशियों का विकास तेजी से हो रहा था। नवजात बच्चियों में इसका असर और भी ज्यादा देखा गया।

Related posts