बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए करें इन तीन सरकारी योजनाओं में निवेश, हमेशा भरी रहेगी जेब

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चैतन्य भारत न्यूज

बच्चों का उज्जवल भविष्य हर मां-बाप का सपना होता है। इस सपने को पूरा करने के में पैसा बड़ी भूमिका अदा करता है। पैसा तो हर कोई कमाना चाहता है लेकिन कई बार फाइनेंशल प्लानिंग करने के बावजूद हम अपना वित्तीय लक्ष्य हासिल नहीं कर पाते। ऐसे में आज हम आपको तीन ऐसी सरकारी योजनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां निवेश करके आपको फायदा होगा और आपके बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा।

सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ)

पीपीएफ में निवेश सबसे ज्यादा सुरक्षित बताया जाता है। आयकर कानून की धारा 80सी के तहत पीपीएफ में निवेश और उस पर मिलने वाले ब्याज करमुक्त होता है। इस योजना की अवधि 15 साल होती है जिसे हर पांच साल में बढ़ाया जा सकता है। पीपीएफ पर पहले 7.9 फीसदी का ब्याज मिलता था जो अब घटकर 7.1 फीसदी हो गया है। कोरोना वायरस के चलते अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया। इस योजना में न्यूनतम 500 रुपए से लेकर अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना

स्मॉल सेविंग स्कीम के तहत ही सरकार की सुकन्या समृद्धि नाम की एक खास योजना है, जिसमें निवेशकों को रिटर्न मिलता है और वे आसानी से अपने वित्तीय लक्ष्य पूरे कर सकते हैं। यह भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना में बेटी के नाम पर 15 साल तक अधिकतम 1.50 लाख रुपए सालाना का निवेश करना होगा। वहीं, एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम जमा राशि 250 रुपए है। इस योजना से आपको काफी फायदा होगा। यह राशि बेटी की पढ़ाई या शादी में लाभकारी रहेगी। अगर आपकी बेटी की उम्र 10 साल तक है, तो आप सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खोल सकते हैं। निवेश पर इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।

सुकन्या समृद्धि योजना में निवेशकों को सालाना 7.6 फीसदी ब्याज मिलता है। यह ब्याज दर भारत सरकार द्वारा हर वित्तीय वर्ष में तय की जाती है। सुकन्या समृद्धि योजना खाता खोलने के बाद यह बेटी के 21 साल के होने या 18 साल की उम्र के बाद उसकी शादी होने तक चलाया जा सकता है।

इक्विटी म्यूचुअल फंड

इक्विटी म्यूचुअल फंड ज्यादातर इक्विटी या स्टॉक्स में अपना पैसा लगाते हैं। भारत में एक म्यूचुअल फंड स्कीम अपने कॉर्पस का 65 फीसदी हिस्सा इक्विटी, भारतीय स्टॉक्स, टैक्सेशन के लक्ष्य से इक्विटी म्यूचुअल फंड से संबंधित निवेश में लगाती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय फंड के स्टॉक में पैसा लगाने के बाद भी उन्हें इक्विटी की श्रेणी में नहीं रखा जाता है।

इक्विटी म्यूचुअल फंड किसी भी अन्य निवेश विकल्प के मुकाबले लॉन्ग टर्म में ज्यादा रिटर्न दे सकता है। म्यूचुअल फंड में आप सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए किस्तों में निवेश कर सकते हैं। बच्चे की जरूरत के हिसाब से 10 साल बाद पैसों की जरूरत है, तो बेहतर है कि निवेश लार्जकैप फंडों में किया जाए।

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