कोरोना महामारी के बीच मदद के बहाने आपके साथ भी हो सकती है धोखाधड़ी, साइबर ब्रांच ने किया सतर्क

चैतन्य भारत न्यूज

जानलेवा कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश में हाहाकार मचा रखा है। कोई दवाओं के लिए परेशान है तो कोई इंजेक्शन और ऑक्सीजन को लेकर। आधे से ज्यादा देश में लॉकडाउन लगा हुआ है। इसी बीच नामी सामाजिक संस्थाओं और लोगों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को चूना लगाने वाले गैंग भी सक्रिय हो गए हैं। ऐसे लोग मजबूरी का फायदा उठाकर दवा देने, अस्पताल में भर्ती करने और ऑक्सीजन देने के नाम पर लोगों से पैसे ले रहे हैं और फिर मोबाइल बंद करके गायब हो रहे हैं।


गृह मंत्रायल के अधीन काम कर रहे साइबर ब्रांच साइबर दोस्त ने ट्वीट कर इस बारे में लोगों को सतर्क कर दिया है। साइबर दोस्त ने ट्वीट करके कहा है कि, ‘ये ठग सोशल मीडिया के जरिए आपसे संपर्क करेंगे और कहेंगे कि वे आपकी मदद करना चाहते हैं। वे कहेंगे कि आपको अस्पताल में बेड मिल जाएगी और तमाम दवाईयां भी मिल जाएंगी जिनकी आपको जरूरत है।’


साइबर दोस्त ने यह भी बताया कि, ‘इसके अलावा कुछ ठग ऐसे भी हैं जो खुद को किसी सामाजिक संस्था और एनजीओ का अधिकारी बताते हैं और फिर लोगों से पैसे लेते हैं। ये लोग डोनेशन के नाम पर लोगों से ठगी करते हैं। ऐसे लोगों ने बचकर रहे।’


साइबर दोस्त ने एक ट्वीट में कहा है कि, ‘कोरोना मरीजों को फर्जी दवा उपलब्ध कराने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो सकता है। ऐसे में किसी भरोसेमंद दुकान से ही दवा लें। साथ ही पेमेंट करते समय भी पूरा ख्याल रखें। सोशल मीडिया के जरिए मिल रहे किसी भी मदद पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें। मोबाइल नंबर, आधार नंबर जैसी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचें।’

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