आज है हरियाली अमावस्या, 125 साल बाद बन रहा है यह शुभ संयोग, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

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चैतन्य भारत न्यूज

हिन्दू धर्म में सावन महीने में आने वाली अमावस्या को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। इस बार हरियाली अमावस्या 1 अगस्त को है। दरअसल, सावन के महीने में चारों ओर हरियाली होने की वजह से इसे हरियाली अमावस्‍या कहा जाता है। यह अमावस्या भगवान शिव को भी अधिक प्रिय है। इस दिन विशेष रूप से पूजा-पाठ और दान-पुण्‍य किया जाता है।

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हरियाली अमावस्या पर इस बार पांच शुभ योग बन रहे हैं। खास बात यह कि यह महायोग लगभग 125 साल बाद बन रहा है। शास्त्रों के मुताबिक, इन पंच महायोग में पहला हरियाली अमावस्या का शुभ योग, दूसरा सर्वार्थ सिद्धि योग, तीसरा सिद्धि योग, चौथा अमृत सिद्धि योग, पांचवा गुरु पुष्यामृत योग रहेगा।

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मान्यता है कि, हरियाली अमावस्या का व्रत रखने से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है। वहीं विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य प्राप्त होने का वरदान मिलता है। इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती सहित अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। आइए जानते हैं हरियाली अमावस्या पर क्या करना चाहिए।

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हरियाली अमावस्या का मुहूर्त

1 अगस्त, गुरुवार को पूजा का समय-
अमावस्या तिथि प्रारंभ : 31 जुलाई 2019 को रात 11:57 बजे से
अमावस्या तिथि समाप्त : 1 अगस्त 2019 को शाम 08:41 बजे तक

हरियाली अमावस्या पर क्या करें-

  • इस दिन नदी या तालाब की मछली को आटे की गोलियां बनाकर खिलाना शुभ मना गया है।
  • भगवान शिव के मंदिर के अलावा हनुमान मंदिर भी जाएं। हनुमान जी का पूजन करें। उन्‍हें सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं।
  • हरियाली अमावस्या पर ब्राह्माणों और जरूरतमंद लोगों को दान देने से पुण्य मिलता है।
  • जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष, पितृ दोष और शनि का प्रकोप है वह आज के दिन शिवलिंग पर पचांमृत जरूर अर्पित करें।
  • मान्‍यता है कि श्रावण अमावस्‍या के दिन भोले नाथ की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
  • शास्त्रों के अनुसार हरियाली अमावस्या पर पेड़ लगाने से जीवन के संकट दूर होते हैं और उन्हें लाभ की प्राप्ति भी होती है।

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