BHU में पढ़ाई जाएगी ‘भूत विद्या’, 6 महीने में पूरा होगा कोर्स, जानिए एडमिशन की प्रक्रिया

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चैतन्य भारत न्यूज

वाराणसी. बचपन में आपने भूत प्रेत की कहानी तो जरूर सुनी होगी। भूतों की दुनिया, हमेशा से ही अलौकिक और रहस्यमयी रही है। लेकिन अब इसके रहस्‍य से पर्दा उठने वाला है। जी हां… बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) जल्‍द ही ‘भूत विद्या’ का सर्ट‍िफिकेट कोर्स शुरू करने जा रही है, जहां इस दुनिया के बारे में रिसर्च होगी।



जानकारी के मुताबिक, यह छह महीने का सर्ट‍िफिकेट कोर्स होगा, जिसमें चिकित्‍सा पद्धतियों के स्‍नातक या डॉक्‍टर छात्र पढ़ाई करेंगे। डॉक्टरों को मनोचिकित्सा संबंधी विकारों और असामान्य कारणों से होने वाली मनोवैज्ञानिक स्थितियों के इलाज के लिए उपचार और मनोचिकित्सा के बारे में पढ़ाया जाएगा जिसे कई लोग भूत का असर मानते हैं। बता दें इस कोर्स को बीएचयू का फैकल्‍टी ऑफ आयुर्वेद शुरू करने जा रहा है।

ऐसे पूरा होगा कोर्स

फैकल्‍टी ऑफ आयुर्वेद के डीन यामिनी भूषण त्रिपाठी के मुताबिक, महर्षि चरक ने आयुर्वेद की 8 ब्रांच बताई थीं। उसमें 5 ब्रांच को भारत सरकार की सेंटर काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन ने 15 विषयों में बांट दिया। जो तीन ब्रांच छूटी, उसमें रसायन विज्ञान (anti aging), वाजीकरण विज्ञान और भूत विज्ञान शामिल है। उन्होंने बताया कि, देश में पहली बार बीएचयू इन तीन विषयों पर शोध करने जा रहा है। खास बात यह है कि एकेडमिक काउंसिल ऑफ बनारस हिन्‍दू यूनिवर्सिटी ने भी इसकी अनुमति भी दे दी है।

खबरों के मुताबिक, इसके लिए तीन नए यूनिट बनाए गए हैं। इसके जरिए 6 महीने सर्ट‍िफिकेट कोर्स होगा। चिकित्‍सा पद्धतियों के स्‍नातक इसके छात्र होंगे और विभिन्‍न मेडिकल साइंस, बेसिक साइंस क्षेत्रों के विशेषज्ञों इसे पढ़ाएंगे। मेडिकल के अलावा धर्मविज्ञान और संस्‍कृत के विशेषज्ञों भी शिक्षकों में शामिल होंगे।

ऐसे होगा एडमिशन

खबरों के मुताबिक, इस कोर्स की शुरुआत जुलाई 2020 से होगी। इसके आवेदन की प्रक्रिया जनवरी 2020 से शुरू हो जाएगी। इसमें मेरिट या लिखित परीक्षा के आधार पर एडमिशन हो सकता है। भूषण त्रिपाठी ने बताया कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि उम्‍मीदवारों की संख्‍या कितनी है। अगर अभ्‍यर्थ‍ियों की संख्‍या ज्‍यादा हुई तो लिखित परीक्षा होगी।

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