पत्नी के गहने बेच अपने ऑटो को बनाया एंबुलेंस, दवा से लेकर ऑक्सिजन तक मौजूद, मरीजों को मुफ्त सेवा

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना की दूसरी लहर मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल समेत कई राज्यों में कोहराम मचा रही है। मरीज अस्पतालों में भटक रहे हैं। जीवन रक्षक दवाओं और ऑक्सिजन की भी कमी हो रही है, लेकिन इस त्राहिमाम के बीच भी कुछ लोग ऐसे हैं जो जरूरतमंंदों के लिए देवदूत बनकर सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक शख्स है मध्यप्रदेश में जो पेशे से ऑटो ड्राइवर है। महामारी के इस दौर में लोगों की मदद के लिए इस शख्स ने अपने ऑटो को एंबुलेंस का रूप दे दिया है।

ऑटो को एंबुलेंस में बदला

भोपाल में एक ऑटो चालक ने अपने ऑटो को एंबुलेंस में तब्दील कर दिया है। ऑटो चालक जावेद खान का कहना है कि उसने टीवी और सोशल मीडिया पर देखा था कि राज्य में किस तरह बदहाली है और एंबुलेंस और ऑक्सीजन की कमी से लोग अपने मरीजों को अस्पताल लेकर नहीं जा पा रहे हैं। इसलिए उसने अपने ऑटो को ऑक्सीजन से लैस एंबुलेंस में तब्दील कर दिया।

अबतक नौ गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाया

ड्राइवर जावेद खान ने बताया, ‘मैंने इस काम के लिए अपनी पत्नी के गहने बेच दिए। रिफिल सेंटर पर ऑक्सीजन के लिए कतार में रहा। मेरा कंटैक्ट नंबर सोशल मीडिया पर है। एंबुलेंस न मिलने पर लोग मुझसे संपर्क कर सकते हैं। 15-20 दिनों से मैं ये काम कर रहा हूं और अब तक 9 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जिनकी हालत काफी खराब थी।’ जावेद के ऑटो में ऑक्सीजन सिलिंडर, पीपीई किट, सैनिटाइजर और ऑक्सीमीटर समेत तमाम आवश्यक चीजें मौजूद हैं।

अपने पैसों से भरवाते हैं सिलेंडर

जावेद अपने पैसों से ऑक्सिजन का सिलेंडर भराते हैं। इसमें उन्हें 3-4 घंटों का समय लगता है और हर बार 600 रुपये खर्च होते हैं। जावेद कहते हैं कि उन्हें उधार लेकर ये काम करना पड़े तो भी उन्हें कोई दुख नहीं होगा।

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