CAA और NRC के विरोध में कांग्रेस का शांति मार्च, सीएम कमलनाथ ने कहा- विरोधी कानून को राज्य में लागू नहीं करेंगे

kamalnath rally

चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ कांग्रेस ने शांति मार्च निकाला। इसका नेतृत्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया। यह पैदल मार्च भोपाल के रंगमहल चौराहे से शुरू होकर मिंटो हाॅल में गांधी प्रतिमा के सामने समाप्त हुआ।


हजारों की संख्या में शामिल हुए लोग

भोपाल में CAA और NRC के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को ‘संविधान बचाओ न्याय शांति यात्रा’ का आयोजन किया। मार्च में हजारों की संख्या में लोग गांधी टोपी पहनकर और हाथों में तिरंगा लेकर चल रहे थे। मार्च में कई सामाजिक संगठन भी शामिल हुए। बता दें कमलनाथ पहले ही इस कानून का विरोध कर चुके हैं और उन्होंने घोषणा भी की है कि वे मध्य प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship amendment act) लागू नहीं होने देंगे।

ये संविधान पर हमला करने वाला कानून

कमलनाथ ने कहा कि, ‘आज हमने शांति मार्च किया है प्रदेश और देश का ध्यान आकर्षित करने के लिए, ये बताने के लिए किस तरह हमारे संविधान से खिलवाड़ किया जा रहा है। आज जो एनआरसी और सीएए लाया गया है, ये संविधान पर हमला करने वाला कानून है। प्रश्न ये नही है कि इसमें क्या लिखा है, प्रश्न ये है कि इसमें क्या नही लिखा है, जो नही लिखा है। वो इसके दुरुपयोग के दरवाजे खोलता है।’

ये सरकार NPR को NRC से जोड़ रही है

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, ‘हम भारत के संविधान और संस्कृति का सम्मान करते हुए इस कानून का पालन नहीं करेंगे।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘देश आज कठिन दौर से गुजर रहा है। यह भारतीयों का परम कर्त्तव्य है कि संविधान की रक्षा की जाए और संविधान को बचाने के लिए सभी इस कानून का विरोध करें।’ इस दौरान कमलनाथ ने यह भी साफ किया कि, ‘एनपीआर को यूपीए सरकार लेकर आई थी लेकिन ये सरकार एनपीआर को एनआरसी से जोड़ रही है जो खतरनाक है।’

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