नीतीश कुमार ने किया राजनीति से संन्यास का ऐलान, कहा- ये मेरा आखिरी चुनाव है, अंत भला तो सब भला

चैतन्य भारत न्यूज

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने गुरुवार को पूर्णिया में आयोजित रैली में राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया है। नीतीश ने कहा कि, ‘ये मेरा आखिरी चुनाव है, अंत भला तो सब भला।’ बता दें कि विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है।


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने धमदाहा में रैली में जनता से कहा कि, ‘आप जान लीजिए आज तीसरे चरण के प्रचार का आखिरी दिन है। अब परसों चुनाव है और ये मेरा अंतिम चुनाव है। अंत भला तो सब भला। अब आप बताइए वोट दीजिएगा ना इनको। हम इन्हें जीत की माला समर्पित कर दें। बहुत बहुत धन्यवाद।’ बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण का मतदान शनिवार को होगा। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के कारण चुनाव को तीन चरणों में आयोजित करने का फैसला किया गया था। पहला चरण 28 अक्तूबर तो दूसरा चरण तीन नवंबर को आयोजित हुआ था। परिणाम 10 नवंबर को आएंगे।

नालंदा से लड़ा पहला चुनाव

नीतीश कुमार ने साल 1977 में अपना पहला चुनाव लड़ा था। उन्होंने नालंदा के हरनौत से चुनाव लड़ा। यहां से नीतीश कुमार चार बार चुनाव लड़े। जिसमें उन्हें 1977 और 1980 में हार मिली, जबकि 1985 और 1995 के चुनाव में वह जीत गए थे। नीतीश कुमार ने साल 2004 में अपना आखिरी चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें नालंदा से जीत हासिल हुई थी। उसके बाद से नीतीश कुमार ने कोई चुनाव नहीं लड़ा। नीतीश कुमार ने साल 1972 में बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई की। उन्होंने कुछ समय तक बिहार स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में नौकरी भी की। लेकिन जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया जैसे नेताओं के संपर्क में आने के बाद नीतीश कुमार राजनीति के हो लिए।

16 साल से नहीं लड़ा चुनाव

नीतीश कुमार 6 बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। नालंदा से सांसद रहे नीतीश कुमार नवंबर 2005 में NDA के प्रदेश में सत्ता में आने पर मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा देकर बिहार विधान परिषद की सदस्यता ग्रहण की थी।

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