एक्ट्रेस से छेड़खानी के दोषी की सजा पर रोक, हालांकि कोर्ट ने कहा- महिला को पता होता है कि कोई पुरुष उसे किस नीयत से छू रहा है

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चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व बॉलीवुड एक्ट्रेस से छेड़खानी के मामले में दोषी की सजा पर रोक लगाते हुए कहा कि, ‘एक महिला भले ही कम पढ़ी-लिखी हो, लेकिन जब कोई पुरुष उसे स्पर्श करता है या उसकी तरफ देखता है तो उसकी भावना और मंशा को वह बहुत अच्छी तरह से समझ जाती है।’



जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण दिसंबर 2017 में दिल्ली से मुंबई के लिए उड़ी एयर विस्तारा की फ्लाइट में पूर्व अभिनेत्री से छेड़छाड़ करने के आरोप में दोषी ठहराए गए 41 वर्षीय व्यवसायी विकास सचदेवा की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। मुंबई के डिंडोशी कोर्ट ने इसी साल 15 जनवरी को सचदेवा को तीन साल की सजा सुनाई थी। साथ ही कोर्ट ने उसी दिन सचदेवा को जमानत देते हुए उसकी सजा को तीन महीने के लिए निलंबित भी कर दिया था, जिससे कि वो आगे अपील कर सके।

‘पैर लगा भी तो गलती हो सकती है’

सचदेवा ने 20 फरवरी को हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए यह दावा किया था कि, ‘निचली अदालत ने उसे दोषी ठहराने में गलती की है।’ सचदेव के वकील अनिकेत निकम ने मंगलवार को हाई कोर्ट में कहा कि, ‘उनके मुवक्किल को गलत दोषी ठहराया गया है अगर उसका पैर भी पीड़िता को लगा था तो भी यह गलती हो सकती है और इसमें उसको उत्पीड़ित करने की कोई मंशा नहीं थी।’

‘महिला ही समझ सकती है मंशा’

जस्टिस चव्हाण ने कहा कि, ‘एक महिला को भले ही कम पता हो लेकिन उसे समझ में सब आता है। यह एक प्राकृतिक उपहार है… छूना…देखना… एक पुरुष को यह समझ नहीं आता लेकिन एक महिला को उसके पीछे की मंशा समझ आ जाती है।’ उन्होंने आगे कहा कि, सिर्फ पीड़िता ही आरोपी व्यक्ति की मंशा के बारे में बता सकती है। कोई भी आरोपी यह कभी नहीं मानेगा कि उसने गलत मंशा से छुआ था। जस्टिस चव्हाण ने सवाल किया कि, ‘सचदेव बिजनेस क्लास में यात्रा कर रहे थे, जहां बहुत जगह होती है तो फिर अपने पैर और हाथ दूसरे की सीट पर क्यों रखे?’

‘महिला नहीं की शिकायत और…’

फिर सचदेवा के वकील ने कहा कि, ‘महिला ने चालक दल के सदस्यों से इसकी शिकायत नहीं की और वह मुस्कुराते हुए विमान से उतरीं थी।’ कोर्ट ने इसके जवाब में कहा कि, ‘ऐसा कोई फॉर्म्युला नहीं है कि महिला ऐसी घटनाओं पर कैसा व्यवहार करें या प्रतिक्रिया दें।’ हालांकि, कोर्ट ने सचदेवा की याचिका को स्वीकार करते हुए उसकी सजा पर सुनवाई एवं फैसला आने तक रोक लगा दी। साथ ही कोर्ट ने सचदेव को 25 हजार रुपए का एक नया बॉन्ड भरने और सत्र अदालत को बताए बिना मुंबई से बाहर ना जाने का भी निर्देश दिया है।

घटना के वक्त नाबालिग थी एक्ट्रेस

15 जनवरी को कोर्ट ने बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के सेक्शन 8 और आईपीसी की धारा 354 (महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या बलप्रयोग) के तहत सचदेवा को 3 साल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा कोर्ट ने उसे 25500 रुपए का जुर्माना देने का भी आदेश दिया था। विकास को पॉक्सो एक्ट से संबंधित प्रावधानों के तहत इसलिए दोषी ठहराया गया है क्योंकि अभिनेत्री घटना के वक्त 17 साल की यानी नाबालिग थीं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 10 दिसंबर 2017 का है जब बॉलीवुड एक्ट्रेस विस्तारा एयरलाइंस से दिल्ली से मुंबई जा रही थीं। एक्ट्रेस का आरोप था कि, फ्लाइट में उनके ठीक पीछे बैठे शख्स (विकास सचदेवा) ने उनके साथ गलत हरकत की थी। जब एक्ट्रेस ने फ्लाइट के क्रू मेंबर्स से शि‍कायत की तो भी किसी ने उनकी मदद नहीं की। फिर मुंबई पहुंचने के बाद एक्ट्रेस ने लाइव वीडियो शेयर कर कहा था कि, ‘मैं आज दिल्ली से मुंबई जा रहे विमान में यात्रा कर रही थी और मेरे पीछे अधेड़ उम्र का एक व्यक्ति बैठा था, जिसने दो घंटे की मेरी यात्रा को तकलीफदेह बना दिया। मैंने इसे बेहतर तरीके से समझने के लिए अपने फोन में रिकॉर्ड करने की भी कोशिश की, क्योंकि केबिन की रोशनी मंद होने के कारण मुझे पता नहीं चल सका…’

रोते हुए शेयर किया था वीडियो

उन्होंने आगे बताया था कि, ‘रोशनी मद्धिम थी तो उसने और ज्यादा बुरा किया। यह पांच से दस मिनट तक चलता रहा और फिर मुझे इसके बारे में पूरा यकीन हो गया। वह मेरे कंधों को कोहनी मार रहा था और लगातार अपने पैर मेरी कमर और गर्दन पर रगड़ रहा था।’ वीडियो में एक्ट्रेस ने रोते हुए यह भी कहा था कि, ‘एक व्यक्ति ने मेरी ढाई घंटे की यात्रा को इतना बुरा बना दिया की मैं उसे भूल नहीं पाई।’ इसके बाद एक्ट्रेस ने आरोपी विकास सचदेवा के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। एक्ट्रेस के आरोप के बाद पुलिस ने विकास सचदेवा को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था।

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