देश में तेजी से बढ़ रहे स्तन कैंसर के मामले, जागरूकता ही है इसका सबसे बड़ा निदान

breast cancer

चैतन्य भारत न्यूज

दुनियाभर में अक्टूबर का महीना ‘स्तन कैंसर जागरूकता’ के रूप में मनाया जाता है। आज महीने के आखिरी दिन हम आपको स्तन कैंसर से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। भारत में स्तन कैंसर का खतरा काफी तेजी से बढ़ रहा है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 तक भारत में स्तन कैंसर एक महामारी का रूप धारण कर सकता है।



स्तन कैंसर कभी भी किसी भी महिला को हो सकता है। इसका सबसे बड़ा कारण जागरूकता का अभाव है। साथ ही इसके अन्य कारण संकोच के कारण महिलाओं का जांच के लिए सामने न आना है। स्तन कैंसर को प्रायः सामाजिक बुराई और शर्म के विषय के तौर पर देखा जाता है। गर्भावस्था में भी स्तनपान के दौरान होने वाली गठानों को अनदेखा करना चिंताजनक है। स्तन कैंसर के और भी कई कारण हो सकते हैं जैसे कि-

  • परिवार के किसी सदस्य को स्तन कैंसर या फिर प्रोस्टेट, अंडाशय, अग्नाशय, फेलोपियन ट्यूब (अंडवाहिनी) का कैंसर होना।
  • मासिक धर्म जल्दी शुरू हो जाना (12 वर्ष से कम उम्र में) और देर से खत्म होना (54 वर्ष से अधिक उम्र में)।
  • जिन महिलाओं ने बच्चों को स्तनपान नहीं करवाया और गर्भाधारण नहीं किया हो।
  • हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लेने वाली महिलाएं।
  • पूर्व में स्तन कैंसर होना।
  • मदिरा पान, धूम्रपान, मोटापा, आनुवांशिक कारण आदि।

इन चीजों को न करें अनदेखा

  • स्तन में गांठ या फिर भारीपन महसूस होना।
  • स्तन में दर्द महसूस होना या फिर दर्द का लगातार बने रहना।
  • स्तन की त्वचा में बदलाव होना।
  • स्तन में या बगलों में गठान महसूस होना।
  • निप्पल अंदर की ओर धंसना और उससे कोई स्त्राव निकलना।
  • दोनों स्तनों के आकार में अंतर होना।
  • निप्पल से रक्त स्त्राव होना आदि।

एक से अगली पीढ़ी तक पहुंचता कैंसर

स्तन कैंसर का एक छोटा-सा हिस्सा जो वंशानुगत (Hereditary) है और बाहरी कारकों से अलग है। कैंसर से जुड़े पारिवारिक इतिहास के कारण भी एक महिला को स्तन कैंसर होने का खतरा होता है। यदि परिवार में मां या मौसी को कैंसर है तो यह बेटी, पोती या फिर बेटों तक भी पहुंच सकता है। यह बीआरसीए 1 या फिर बीआरसीए 2 जैसे दोषपूर्ण जीन की उपस्थिति के कारण होता है, जो कि अगली पीढ़ी तक भी पहुंच जाता है। 50 प्रतिशत मामलों में ऐसा देखा जाता है। यदि किसी को ऐसी जीन विरासत में मिलती है तो उसे 80 प्रतिशत तक स्तन कैंसर होने की और 40 प्रतिशत गर्भाशय कैंसर होने की आशंका रहती है। इसलिए महिलाओं को समय-समय पर जांच करवाना बहुत जरुरी है।

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