एक विवाह ऐसा भी: शादी के दिन टूटी दुल्‍हन की रीढ़ की हड्डी, दूल्हे ने स्ट्रेचर पर भरी मांग, अब कर रहा 24 घंटे सेवा

चैतन्य भारत न्यूज

शादी का रिश्ता कितना पवित्र होता है इसकी एक मिसाल कायम करने वाली एक खबर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से आई है। शाम को बारात आने वाली थी और दोपहर में दुल्हन छत पर खेल रहे अपने तीन साल के भतीजे को बचाने के चक्कर में छत से नीचे आ गिरी। इस दुर्घटना में उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। शुरू में तो लड़की वालों को लगा कि अब क्या होगा? लेकिन दूल्हे ने कोई शर्त न रखते हुए स्ट्रेचर पर लेटी आरती से शादी की। इस अनोखी शादी की सभी ओर चर्चा हो रही है।

यूपी के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा के मुजहेडी गांव निवासी दुखीराम मौर्या की बड़ी बेटी आरती की शादी श्रीपुर अरूहरिपुर गांव निवासी अवधेश मौर्य से होनी थी। घर में शादी का माहौल था। 8 दिसम्बर की शाम को बारात आने वाली थी लेकिन दोपहर में छत पर खेल रहे अपने तीन साल के भतीजे को बचाने के चक्कर में आरती छत से नीचे आ गिरी। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और दोनों पैरों की ताकत चली गई। घर वालों ने उसे प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

जब दूल्हे अवधेश के घर वालों को इसकी सूचना दी गई तो उसके घर से दो लोग पता करने पहुंचे। मामले की सच्चाई और घटना की जानकारी दूल्हे अवधेश को भी दी गई। आरती के घर वालों ने अवधेश से आरती की छोटी बहन से शादी कर लेने की बात कही लेकिन अवधेश ने ठान लिया था कि आरती ही उसकी जीवनसंगिनी बनेगी चाहे कुछ भी हो, वो जीवन भर उसका साथ निभाएगा। अवधेश ने कहा भले उसे अस्पताल के बेड पर जाकर ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम के सहारे इलाज करा रही आरती की मांग भरनी पड़े, लेकिन शादी नहीं टलेगी। वो पत्नी की सेवा करते हुए उसका सहारा और साथी बनकर उसके दर्द को बांटना चाहता है।

अस्पताल में डॉक्टरों को जब आरती की शादी की बात बताई गई तो डॉक्टरों ने उसे स्ट्रेचर पर घर ले जाने की अनुमति दे दी। जिसके बाद अवधेश और आरती की शादी हुई। ऑक्सीजन और ड्रिप लगी होने की सूरत में ही उसकी मांग भरी गई। स्ट्रेचर पर लेटे-लेटे आरती ने फेरे लिए। आम दुल्हनों की तरह आरती की भी विदाई हुई। हालांकि, विदाई के बाद आरती को ससुराल ले जाने के बजाय वापस अस्पताल लाया गया। फिलहाल अस्पताल में आरती का इलाज चल रहा है। परिजनों का कहना है कि एक बार आरती ठीक हो जाए तो धूमधाम से बाकी चीजें करेंगे।

Related posts