लॉकडाउन के कारण कैंसिल हो गई शादी, तो 80 किमी अकेले पैदल चलकर दूल्हे के घर ब्याह रचाने पहुंची दुल्हन

चैतन्य भारत न्यूज

कन्नौज. यूपी के कन्नौज में एक प्रेमिका ने अपनी चाहत को पूरा करने व प्यार को पाने की जिद आखिरकर पूरी कर ही ली। दरअसल, कोरोनावायरस को लेकर देशभर में लॉकडाउन है। ऐसे में जब एक जोड़े की शादी टाल दी गई तो दुल्हन ही दूल्हे के घर ब्याह रचाने पहुंच गई और वो भी पैदल। जी हां… दुल्हन ने अपने दूल्हे के पास पहुंचने के लिए 80 किमी का सफर पैदल तय किया।

4 मई को जानी थी बारात

यह मामला उत्तरप्रदेश के कन्नौज में तालग्राम थाना के गांव वैसापुर से सामने आया हैं। यहां रहने वाले वीरेंद्र की शादी, सीमावर्ती जनपद ‘कानपुर’ देहात थाना, मंगलपुर के गांव लक्ष्मण तिलक निवासी गोरेलाल की पुत्री गोल्डी से तय हुई थी। जिसे चार मई को बारात जानी थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण शादी की खरीदारी भी नहीं हो सकी। ऐसे में दूल्हा बरात लेकर नहीं पहुंचा और फोन पर दोनों परिवारों के बीच बातचीत के बाद शादी टाल दी गई। शादी टल जाने के बाद भी दूल्हा और दुल्हन की फोन पर बात होती रही।

12 घंटे पैदल चलकर पहुंचे दूल्हे के घर

शादी टलना दुल्हन को गवारा न हुआ और उसने दूल्हे के घर जाने की ठान ली। वह घरवालों को बिना बताए ही 19 मई को सुबह सात बजे सलवार सूट में ही पैदल दूल्हे के घर जाने के लिए निकल पड़ी। करीब साढ़े 12 घंटे बाद शाम 7:30 बजे वह वैसापुर गांव पहुंच गई, जहां दुल्हन को अकेला देख सभी हैरान रह गए। फिर दूल्हे के परिवारवालों ने युवती को घर वापसी के लिए समझाया और नई तारीख तय करके शादी कराने की बात भी कही, लेकिन उसने किसी की एक न सुनी।

शादी के अगले दिन रखा वट सावित्री व्रत

जब युवती रोने लगी तो किसी भी तरह शादी के जोड़े का इंतजाम किया गया। इसके बाद लड़के के घर वालों ने गांव से एक किमी दूर शकरवारा बगुलिहाई स्थित एक बजरंगबली मंदिर में विवाह की सभी तैयारी की। फिर मंदिर परिसर में आचार्य कमलेश मिश्र ने विधि-विधान से दोनों की शादी करवाई। इस दौरान लड़के के माता-पिता व परिवार के चार-पांच अन्य लोग ही वहां मौजूद रहे, जिन्होंने दोनों को आशीर्वाद दिया। शादी के अगले ही दिन गोल्डी ने अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए वट सावित्री व्रत भी रखा।

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