ब्रिटेन से भारत पहुंचा कोरोना वायरस का नया रूप, 6 लोग मिले इससे संक्रमित, जानिए ये कितना खतरनाक है?

चैतन्य भारत न्यूज

ब्रिटेन समेत दुनिया भर के 16 देशों में हड़कंप मचा चुका कोरोना वायरस का नया रूप अब भारत में भी पहुंच चुका है। मंगलवार को भारत सरकार ने इस बात की जानकारी दी। नए कोरोना वायरस से छह व्यक्ति संक्रमित मिले हैं। ये सभी ब्रिटेन वैरिएंट जीनोम की चपेट में मिले हैं। इन सभी को एक कमरे में आइसोलेट कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ब्रिटेन से भारत आए छह लोग ब्रिटेन में मिले सार्स-कोव-2 के नए स्ट्रेन से संक्रमित मिले हैं। कोरोना वायरस का यह स्ट्रेन 70 फीसदी ज्यादा संक्रामक है। वायरस में सालभर के भीतर 23 बार बदलाव हुआ लेकिन ये नया प्रकार वैज्ञानिकों को डरा रहा है। अब चूंकि ये देश तक आ चुका, इसलिए इसके बारे में जानने और सावधान रहने की जरूरत है।

वायरस वेरिएंट क्या है और नए प्रकार को लेकर क्यों मची खलबली?

वायरस जब होट्स कोशिका के भीतर अपनी संख्या बढ़ाता है तो वायरस के स्वरूप में बदलाव होता है। यही म्यूटेशन है। ये वायरस में कॉमन है। वायरस की कॉपीज बनने की प्रक्रिया में कभी-कभी गड़बड़ी आ जाती है। दूसरे वायरस पैदा करने के दौरान अगली पीढ़ी के लिए मूल जेनेटिक मटेरियल या कहें, कोड ट्रांसफर करने में गलती हो जाती है। ऐसे में जो नया वारयस पैदा होता है उसमें जेनेटिक कोड अपनी पूर्व पीढ़ी से अलग होता है। नतीजतन नया वायरस अपने वंश के वायरस के लक्षणों से अलग लक्षणों वाला होता है।

ब्रिटेन में कोरोना वायरस का जो नया स्ट्रेन मिला है, उसका नाम है B.1.1.7 वैज्ञानिकों को शुरूआती जांच में यह पता चला कि म्यूटेशन से बना B.1.1.7 स्ट्रेन अत्यधिक संक्रामक है, लेकिन खतरनाक कम है। इसका मतलब ये नहीं कि यह किसी की जान नहीं ले सकता। इस स्ट्रेन की वजह मरीज को सीने में तेज दर्द होता है। बाकी सारे लक्षण पुराने कोरोना वायरस की तरह ही हैं।

भारत में इस समय 1.02 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हैं। 1.47 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है कोरोनावायरस। भारत में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा कम है। साथ ही यहां पर संक्रमित मरीजों की संख्या भी ज्यादा है। अगर कोरोना के नए स्ट्रेन को अनुकूल परिस्थितियां मिलती हैं तो ये भारी तबाही मचा सकता है।

Related posts