अंधविश्वास : भगवान बुद्ध को प्रसन्न करने के लिए भिक्षु ने अपने ही सिर की बलि चढ़ा दी, कहा- मेरा पुनर्जन्म होगा

चैतन्य भारत न्यूज

भिक्षु लोग भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए कड़ी तपस्या करते हैं और अपने जीवन में कई त्याग करते हैं। लेकिन हाल ही में थाईलैंड से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां यहां पुनर्जन्म लेने की आस में एक बौद्ध भिक्षु ने बुद्ध की चरणों में अपने ही सिर की बलि चढ़ा दी। फिलहाल भिक्षु की मौत का कारण लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

68 वर्षीय थम्माकोर्न वांगप्रीचा ने भगवान को खुश करने के लिए यह हैरान करने वाला काम किया जो कि सोच से भी परे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार वांगप्रीचा ने अन्य पुजारियों को बताया था कि वे जल्द ही मंदिर से अपनी सेवाएं खत्म करने वाले हैं। किंतु कैसे, उन्होंने इस बात की जानकारी नहीं दी थी। वांगप्रीचा का मानना था कि अपने देवता के लिए अपने आपको त्यागने से उनकी मेरिट अच्छी होगी और उन्हें अगला जीवन और भी बेहतर साबित होगा।

बता दें बौद्ध धर्म में मेरिट एक ऐसी ऊर्जा को कहा जाता है जो अच्छे काम करने से प्राप्त होती है। इसे मोक्ष की राह से भी जोड़कर देखा जाता है। इसके चलते किसी इंसान की परिस्थितियां भी सकारात्मक होती चली जाती हैं और बौद्ध धर्म के अनुसार, इससे आने वाला जन्म भी प्रभावित होता है। मेरिट को मोक्ष की राह से भी जोड़ कर देखा जाता है।

गौरतलब है कि बौद्ध भिक्षु की मौत के बारे में जब लोगों को पता चला तो आसपास के क्षेत्रों के 300 श्रद्धालु मंदिर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। हालांकि कई लोग वांगप्रीता के कदम की तारीफ कर रहे हैं लेकिन नेशनल ऑफिस ऑफ बुद्धिस्म ने स्थानीय प्रशासन को कहा है कि वे लोगों को समझाएं कि इस तरह की धार्मिक क्रियाएं जिनमें जान जाने का खतरा है, उन्हें बौद्ध धर्म में किसी भी तरीके से उत्साहित नहीं किया जाता है।

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