आज है साल का पहला बुध प्रदोष व्रत, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इस विधि से करें पूजा

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चैतन्य भारत न्यूज

हिंदू धर्म में हर मास की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है। इस बार प्रदोष व्रत 8 जनवरी, बुधवार को है। बुधवार को प्रदोष आने से ये व्रत बुध प्रदोष व्रत कहलाता है। बुध प्रदोष को सभी प्रकार की सफलता प्रदान करने वाला कहा गया है। यह प्रदोष व्रत साल का पहला बुध प्रदोष व्रत होगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं बुध प्रदोष व्रत का महत्व और पूजन-विधि।



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बुध प्रदोष व्रत का महत्व

हिंदू पंचांग में पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को काफी शुभ फलदायक और सौभाग्य बढ़ाने वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और सभी प्रकार की बाधाएं और दोष दूर हो जाते हैं। बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश जी को समर्पित है, ऐसे में पिता भगवान शिव के साथ गणेश की भी आराधना करें।

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बुध प्रदोष व्रत पूजन-विधि

  • बुध प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान कर स्वच्छ कपड़े धारण करें।
  • भगवान श्री भोले नाथ का स्मरण करें साथ ही व्रत करने का संकल्प लें।
  • प्रदोष व्रत में शाम के समय पूजा की जाती है।
  • प्रदोष व्रत की आराधना करने के लिए कुशा के आसन का प्रयोग करें।
  • उतर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान शंकर का पूजन करें।
  • पूजा के दौरान भगवान शिव के मंत्र ‘ऊँ नम: शिवाय’ का जाप करते रहे।
  • अंत में प्रदोष व्रत कथा सुनकर शिव जी की आरती उतारें।

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