केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर का इस्तीफा, किसानों से जुड़े इस अध्यादेश के विरोध में लिया फैसला

चैतन्य भारत न्यूज

शिरोमणी अकाली दल की नेता और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। केंद्र सरकार द्वारा सदन में लाए गए कृषि संबंधी विधेयक का विरोध करने के बाद अब अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के कहने पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दे दिया है। बता दें इससे पहले विपक्षी दलों की तरह बीजेपी की सहयोगी अकाली दल भी सदन में अकाली दल ने विधेयक को किसान विरोधी बताते हुए इसका विरोध किया था।

लोकसभा में गुरुवार को जब बिल पेश किया गया तो शिरोमणि अकाली दल के सांसद सुखबीर सिंह बादल ने इसका विरोध किया। फिर केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, अकाली दल का सरकार को समर्थन जारी रहेगा। आइए, जानते हैं क्या है वो अध्यादेश, जिसके लिए मोदी सरकार से हरसिमत कौर ने इस्तीफा दे दिया। देर शाम तक हरसिमरत कौर ने खुद ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है।’

हरसिमरत कौर ने पीएम मोदी को भेजे अपने इस्तीफे में लिखा, ‘किसान और अकाली दल एक दूसरे के पर्याय हैं क्योंकि पार्टी सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव के समतावादी दृष्टिकोण से प्रेरित है, जिन्होंने करतारपुर साहिब में अपने खेतों में एक विनम्र किसान के रूप में काम करते हुए लगभग 20 साल बिताए थे। यह दिखाने के लिए पर्याप्त है कि किसानों के लिए अकाली क्या है।’

सरकार ने पेश किए थे 3 बिल

मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सरकार की ओर से कृषि में सुधार के कार्यक्रमों को लागू करने और किसानों की आय बढ़ाने के मकसद से लाए गए 3 विधेयक लोकसभा में पेश किए गए। ये तीनों विधेयक कोरोना काल में 5 जून, 2020 को अधिसूचित 3 अध्यादेशों का स्थान लेंगे।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 और किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्य आश्वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 लोकसभा में पेश किया जबकि आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री राव साहेब पाटिल दानवे ने पेश किया था।

विधेयक के बारे में कृषि मंत्रालय की ओर से कहा गया कि किसान उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 में एक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का प्रावधान किया गया है। इसके तहत किसान और व्यापारी विभिन्न राज्य कृषि उपज विपणन विधानों के तहत अधिसूचित बाजारों के भौतिक परिसरों या सम-बाजारों से बाहर पारदर्शी और बाधारहित तरीके से खरीद-फरोख्त कर सकेंगे।

Related posts