सांसद ज्योति धुर्वे की बढ़ीं मुश्किलें, जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने के आदेश

चैतन्य भारत न्यूज।
बैतूल से भाजपा सांसद ज्योति धुर्वे को जाति प्रमाण पत्र मामले में हाई पॉवर छानबीन समिति ने बड़ा झटका दिया है। समिति ने बुधवार को इस मामले की समीक्षा की और इसमें भी फैसला धुर्वे के खिलाफ ही आया। बता दें कि पूर्व में हुई जांच में ज्योति धुर्वे का जाति प्रमाण-पत्र फर्जी पाया गया था। समिति ने सांसद धुर्वे के गोंड जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने संबंधी अपने पिछले निर्णय को यथावत रखा है।

धुर्वे को राहत देने के पक्ष में नहीं समिति
ज्योति धुर्वे की अपील पर समिति ने मामले की समीक्षा की थी। वहीं अब समिति सदस्य भी धुर्वे को राहत देने के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि धुर्वे के पास कोर्ट जाने का रास्ता अब भी खुला है।

ज्योति धुर्वे ने की थी पुर्नविचार करने की अपील
ज्योति धुर्वे ने समिति के सामने दोबारा विचार करने की अपील की थी जिस पर यह सुनवाई हुई थी। समिति ने रायपुर और बालाघाट के तिराेड़ी में भी इस मामले की जांच की। जानकारी के मुताबिक धुर्वे की जाति को लेकर पिछले दस वर्षों से विवाद की स्थिति चल रही है।

पति की जाति के आधार पर बनवाया जाति प्रमाण पत्र
ज्योति धुर्वे का जाति प्रमाणपत्र भैंसदेही में बनाया गया था। उनका जन्म बालाघाट के तिरोड़ी गांव में हुआ था जबकि उनकी पढ़ाई रायपुर में हुई। इसीलिए उन्होंने रायपुर से जाति प्रमाण पत्र बनवाया था। बैतूल के प्रेम सिंह धुर्वे से शादी करने के बाद उन्होंने पति की जाति के आधार पर भैंसदेही से एससी का प्रमाणपत्र बनवाया।

धुर्वे ने समिति के निर्णय पर उठाया सवाल
ज्योति धुर्वे का कहना है कि मैंने अपील की थी। जो तथ्य रखे उस पर कोई ध्यान ही नहीं दिया गया। दो बार पेशी की तारीख दी गई, पर पक्ष रखने का मुझे मौका नहीं दिया गया। एकतरफा कार्रवाई की गई है जोकि उचित नहीं है।

धुर्वे के परिजनों के बयान दर्ज
समिति के जांच अधिकारियों ने धुर्वे के परिजनों  से पूछताछ के दौरान उनके बयान दर्ज किए थे। इसी आधार पर समिति ने एक बार फिर नए सिरे से जांच के बाद यह फैसला सुनाया है।

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