अधिक मास में हो सकते हैं ये सात तरह के संस्कार, आप भी जरूर जानिए

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चैतन्य भारत न्यूज अधिक मास की शुरुआत हो चुकी है। यह महीना 18 सितंबर से शुरू हुआ था जो 16 अक्टूबर को समाप्त होगा। अधिक मास को मलमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से जाना जाता है। अधिक मास के कारण इस बार दो आश्विन मास पड़े हैं। साथ ही चतुर्मास भी पांच महीनो का हो गया है और नवरात्रि जो श्राद्ध पक्ष की समाप्ति के साथ ही शुरू हो जाती थी वह भी एक महीने पीछे खिसक गई है। हिन्दू पंचांग की गणना के अनुसार, सौर वर्ष का मान लगभग…

विनायक चतुर्थी व्रत आज, इस विधि से करें भगवान गणेश की आराधना, टल जाएंगे विघ्न

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चैतन्य भारत न्यूज हिंदू धर्म में अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। मान्यता है कि विनायक चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा करके बड़े से बड़े विघ्न को भी आसानी से टाला जा सकता है। साथ ही भगवान गणेश की पूजा का महत्व विनायक चतुर्थी के दिन और भी बढ़ जाता है। इस बार विनायक चतुर्थी 20 सितंबर को है। आइए जानते हैं विनायक चतुर्थी का महत्व और पूजन-विधि। विनायक चतुर्थी का महत्व भगवान गणेश को सभी देवताओं में सर्वप्रथम पूजनीय माना…

अधिकमास में इस बार सर्वार्थसिद्धि समेत बन रहे हैं ये 5 खास योग, खरीददारी के लिए समय सबसे उत्तम

चैतन्य भारत न्यूज कल से अधिकमास प्रारंभ हो गया है। अधिकमास में भगवान विष्णु और भोलेनाथ की पूजा अर्चना की जाती है। इस महीने कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। लेकिन अधिकमास में खरीददारी करने पर कोई रोक नहीं है। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ग्रह प्रवेश, मुंडन, सगाई, विवाह आदि कार्य करना वर्जित है। इसके अलावा इस महीने को पुरुषोत्तम के नाम से भी जानते हैं। अधिकमास में सर्वार्थसिद्धि योग समेत बन रहे हैं ये 5 ऐसे योग बन रहे हैं जो बहुत ही…

आज से अधिक मास शुरू, इस माह भूलकर भी न करें ये कार्य, जानें क्या हैं नियम

चैतन्य भारत न्यूज हिन्दी पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मलमास लगने वाला है। इसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। ये महीना भगवान विष्णु और शिव का महीना है। अधिक मास के बारे में शास्त्रों ने कहा है ‘अधिकस्य अधिक फलम्’ अर्थात अधिक मास में शुभ कर्मों का फल भी अधिक मिलता है। मांगलिक (विवाह, गृह प्रवेश आदि) कार्यों के अलावा किसी भी अन्य कार्य के लिए अधिक मास में मनाही नहीं है। पूरे महीने में 25 दिन खरीदारी के लिए शुभ हैं। इस बार मलमास का…

कल से शुरू हो रहा है अधिकमास, जानिए हर तीन वर्षों में क्यों आता है मलमास और इसका महत्व

चैतन्य भारत न्यूज हिन्दी पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मलमास लगने वाला है। इसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। ये महीना भगवान विष्णु और शिव का महीना है। अधिक मास के बारे में शास्त्रों ने कहा है ‘अधिकस्य अधिक फलम्’ अर्थात अधिक मास में शुभ कर्मों का फल भी अधिक मिलता है। मांगलिक (विवाह, गृह प्रवेश आदि) कार्यों के अलावा किसी भी अन्य कार्य के लिए अधिक मास में मनाही नहीं है। पूरे महीने में 25 दिन खरीदारी के लिए शुभ हैं। 16 अक्टूबर तक चलेगा…

सर्वपितृ अमावस्या पर तर्पण के साथ आज होगी पितरों की विदाई, इस विधि से करें अंतिम श्राद्ध

चैतन्य भारत न्यूज श्राद्ध पक्ष का अंतिम दिन यानी सर्वपितृ अमावस्या आज यानी गुरुवार को है। इस दिन तर्पण के साथ पितरों की विदाई की जाती है। इस अमावस्या को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या कहा जाता है, क्योंकि इस दिन उन मृत लोगों के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण आदि कर्म किए जाते हैं, जिनकी मृत्यु तिथि मालूम नहीं होती है। यदि आप भी अपने परिवार के किसी मृत सदस्य का श्राद्ध नहीं कर पाए हो तो अमावस्या पर श्राद्ध कर्म कर सकते हैं। पितृ मोक्ष अमावस्या पर सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों…

सर्व पितृ अमावस्या पर 20 साल बाद बन रहा है शुभ संयोग, मिलेगा श्राद्ध का पूरा फल और सौ बाधाओं से मुक्ति

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चैतन्य भारत न्यूज हिंदू धर्म में आश्विन मास की सर्व पितृ अमावस्या तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है। दरअसल ये 15 दिनों तक चलने वाले पितृ पक्ष का आखिरी दिन होता है। इस साल पितृमोक्ष अमावस्या 17 सितंबर को है। इस दौरान ग्रह नक्षत्रों का विशेष संयोग बन रहा है। पंडितों के मुताबिक, पितृपक्ष में ऐसा शुभ संयोग 20 साल बाद बन रहा है। कहा जा रहा है कि इस साल अमावस्या तिथि पर जल तर्पण से पितृ न सिर्फ तृप्त होंगे अपितु उनके आशीर्वाद से सफलता और समृद्धि के…

पृथ्वी के प्रथम शिल्पकार हैं भगवान विश्वकर्मा, विधि विधान से पूजन करने से घर और दुकान में आती है सुख-समृद्धि

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चैतन्य भारत न्यूज भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना जाता है। उन्हें दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। हर साल शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा पूजा का त्योहार मनाते हैं। विश्वकर्मा पूजा का पर्व कन्या संक्रांति के दिन मनाया जाता है जो इस बार 16 सितंबर को है। इसे विश्वकर्मा जयंती भी कहा जाता है। कहा जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही देवी-देवताओं के लिए अस्त्रों, शस्त्रों, भवनों और मंदिरों का निर्माण किया था। पुराणों के मुताबिक, उन्होंने ही सृष्टि की रचना में भगवान ब्रह्मा…

मंगल या भौम प्रदोष व्रत करने से होती है सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, जानें पूजा विधि और महत्व

चैतन्य भारत न्यूज हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का काफी महत्व है। इस बार 15 सितंबर को मंगल या भौम प्रदोष व्रत है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। मंगलवार को पढ़ने वाले प्रदोष व्रत को जो भी सच्चे ह्रदय से करता है भगवान शिव उसकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं और उसके जीवन में आने वाली बाधाओं का नाश होता है। ऐसे जातक को सुयोग्य जीवनसाथी की भी प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस…

मासिक शिवरात्रि आज, इस विधि से करें भगवान शिव की पूजा, व्रत करने से मिलता है अनंत फल

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चैतन्य भारत न्यूज हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का काफी महत्व है। इस दिन भगवान शिव की आराधना की जाती है।  प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस बार मासिक शिवरात्रि 15 सितंबर को पड़ रही है। आइए जानते हैं मासिक शिवरात्रि का महत्व और व्रत की पूजा-विधि। मासिक शिवरात्रि का महत्व मासिक शिवरात्रि शिव और शक्ति के संगम का व्रत है। कहा जाता है कि मासिक शिवरात्रि में व्रत, उपवास रखने और भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना करने से सभी मनोकामनाएं…