यहां फल और पत्थरों से खेला जाता है युद्ध, उत्तराखंड के देवीधुरा स्थित मंदिर में अनूठी परंपरा

चैतन्य भारत न्यूज देहरादून. उत्तराखंड के चंपावत जिले में देवीधुरा स्थित मां बाराही देवी के मैदान में फल, फूल और पत्थरों से युद्ध लड़ने की अनूठी परंपरा है। हर साल रक्षाबंधन के दिन इसका आयोजन किया जाता है। इसे  ‘बग्वाल’ कहा जाता है। गुरुवार को हुआ यह युद्ध करीब नौ मिनट चला। इसमें 122 योद्धा मामूली रूप से घायल हो गए। इसमें भक्त परंपरा के मुताबिक लोग आपस में पत्थरों से लड़ाई करते है। मान्यता है कि मंदिर में नर बलि की परंपरा थी जिसके बाद आधुनिक रूप में यह…

आज फिर 40 सालों के लिए जल समाधि ले लेंगे भगवान अती वरदार, 1 करोड़ से ज्यादा भक्तों ने किए दर्शन

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चैतन्य भारत न्यूज तमिलनाडु के सबसे पुराने शहरों में से एक कांचीपुरम में पिछले डेढ़ महीने से करीब 90 लाख लोग आ चुके हैं। इसका कारण भी बेहद खास है। दरअसल यहां जो भगवान हैं वह 40 सालों में एक बार कुछ दिनों के लिए भक्तों को दर्शन देने जल समाधि से बाहर आते हैं। इस मंदिर का नाम है वरदराजा स्वामी मंदिर। वरदराजा स्वामी मंदिर में भगवान विष्णु के अवतार अती वरदार की प्रतिमा को तालाब से 40 साल में एक बार निकाला जाता है। फिर प्रतिमा को 48…

40 सालों में एक बार जल समाधि से बाहर निकलते हैं भगवान अती वरदार, 48 दिन भक्तों को देते हैं दर्शन

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चैतन्य भारत न्यूज भारत के हर राज्य में अलग-अलग परंपराएं निभाई जाती हैं। यहां हर चार कदम पर भाषा और लोगों के रहन-सहन में बदलाव हो जाता है। हमारे देश में कई तरह के रीति-रिवाज भी देखने को मिलते हैं। दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक कई मंदिर और धार्मिक स्थल हैं जिनकी अपनी ही एक कहानी होती है। हम आपको आज एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बता रहे हैं जो तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है। यहां जो भगवान हैं वह 40 सालों में एक बार कुछ…

1 मईः आज ही के दिन अस्तित्व में आए थे महाराष्ट्र और गुजरात

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टीम चैतन्य भारत। महाराष्ट्र और गुजरात का स्थापना दिवस 1 मई को मनाया जाता है। भारत की आजादी समय समय दोनों राज्यों के ज्यादातर हिस्से मुंबई (तत्कालीन बंबई) राज्य के अंग थे। जब (बंबई) से महाराष्ट्र और गुजरात के गठन का प्रस्ताव आया तो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बंबई को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने की बात कही थी। उनका तर्क था कि अगर मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी बने रहना है तो यह करना आवश्यक है। स्वतंत्रता के बाद करीब 600 रियासतों में बंटे भारत में राज्यों…

जलियांवाला बाग हत्याकांड : सौ साल पहले जब डायर ने गोलियां चलवाकर हजारों जिंदगियों को कर दिया था खामोश

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टीम चैतन्य भारत भारत के इतिहास में 13 अप्रैल का दिन एक दुखद घटना के रूप में दर्ज है। 100 साल पहले यानी 13 अप्रैल 1919 को जनरल डायर के आदेश पर बंदूकधारियों ने बैसाखी का उत्सव मनाने जुटी भीड़ पर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी थी। इस हत्याकांड में कई बेकसूर लोगों को जान चली गई थी। जालियांवाल बाग हत्याकांड के 100 साल पूरे होने पर ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा का भी बयान आया था। टेरेसा ने जलियांवाला बाग नरसंहार पर दुख जताया था और इसे इतिहास का शर्मनाक धब्बा…