हनुमान जयंती 2020 : कैसे हुआ था हनुमान जी का जन्म? यहां पढ़े उनकी जन्म कथा

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चैतन्य भारत न्यूज हर वर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को पवन पुत्र भगवान श्री हनुमान का जन्मोत्सव पर्व मनाया जाता है। हनुमान जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र और मेष लग्न में हुआ था। उनके पिता वानर राज राजा केसरी थे जो सुमेरू पर्वत के राजा थे। उनकी माता का नाम अंजनी था। हनुमान को पवन पुत्र और बजरंगबली भी कहा जाता है। श्री हनुमान जी कलयुग में सबके सहायक, रक्षक माने जाते हैं।   हनुमान जन्म कथा एक पौराणिक कथा के मुताबिक, समुद्रमंथन…

रंग पंचमी: कोरोना वायरस का कहर, इंदौर की परंपरागत गेर हुई निरस्त

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चैतन्य भारत न्यूज इंदौर. जब कभी रंग पंचमी की बात की जाए और इंदौर के गेर का जिक्र न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। इंदौर में हर वर्ष रंग पंचमी पर रंगारंग गेर निकाली जाती है जिसमें लाखों की संख्या में लोग शामिल होते हैं।  लेकिन  इस साल  कोरोना वायरस  के चलते 14 मार्च को इंदौर में गेर निरस्त कर दी गई है। गेर देखने आने वाली थी यूनेस्को की टीम फागुनी मस्ती के माहौल में रंगपंचमी के अवसर पर इस बार खासतौर से यूनेस्को की टीम भी गेर…

होली 2020 : क्यों किया जाता है होलिका दहन, जानिए इससे जुड़ी पौराणिक कथा

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चैतन्य भारत न्यूज होलिका दहन हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन किया जाता है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से पूर्णिमा तक होलाष्टक होता है। यह पूरा समय होली के उत्सव का होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हम इसे क्यों मनाते हैं। होली का क्या महत्व है और इसे मनाए जाने के पीछे क्या वजह है। तो आइए जानते हैं इसके पीछे की रोचक पौराणिक कहानी। होली से जुड़ी पौराणिक कहानी पौराणिक मान्यता के मुताबिक, दैत्यराज हिरण्यकश्यप खुद को भगवान मानता था, लेकिन उसका पुत्र…

महाशिवरात्रि 2020: इस अनोखे मंदिर में एक शिवलिंग में होते हैं 1008 शिवलिंग के दर्शन

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चैतन्य भारत न्यूज बड़वानी. इस बार 21 फरवरी यानी शुक्रवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर हम आपको आज भोलेनाथ के एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां एक ही शिवलिंग पर छोटे-छोटे 1008 शिवलिंग बने हुए हैं। जी हां… देशभर से श्रद्धालु इस अनोखे शिवलिंग के दर्शन करने आते हैं। 1100 साल पुराना शिवलिंग भोलेनाथ का यह अनोखा व अतिप्राचीन शिवलिंग मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के निवाली के समीप ग्राम वझर में है। शिवलिंग की ऊंचाई करीब साढ़े तीन फीट है। कहा…

महाशिवरात्रि पर आधी शताब्दी पहले महाकाल के पूजन का समय बताती थी जल घड़ी

चैतन्य भारत न्यूज उज्जैन. मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित कालो के काल महाकाल मंदिर का पौराणिक ग्रंथों में काफी सुंदर वर्णन मिलता है। महाशिवरात्रि के पर्व पर मंदिर में भक्तों का तांता लगा कहता है। जानकारी के मुताबिक, करीब आधी शताब्दी पहले महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा महाकाल के चारों प्रहर की पूजा का समय जल घड़ी तय करती थी। मंदिर के सभा मंडप में जल घड़ी द्वारा समय की गणना करने वाले जानकर को बैठाया जाता था। जानकर घटी, पल के अनुसार समय निर्धारित कर पुजारियों को जानकारी देते…

एवरेस्ट से कम ऊंचाई होने के बावजूद आज तक कोई क्यों न चढ़ सका कैलाश पर्वत? जानिए इससे जुड़ी रहस्यमयी बातें

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चैतन्य भारत न्यूज हर साल 11 दिसंबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस’ मनाया जाता है। इस अवसर पर आज हम आपको कैलाश पर्वत के बारे में बता रहे हैं, जिसका वर्णन धर्म ग्रंथों में किया गया है। हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत का बड़ा महत्व है, क्योंकि यह भगवान शिव का निवास स्थान भी माना जाता है। आइए जानते हैं इस पर्वत से जुड़ी कुछ रोचक बातें जिन्हें बहुत कम लोग जानते हैं। कैलाश पर्वत की ऊंचाई एवरेस्ट से काफी कम है। बावजूद इसके आज तक कोई इंसान कैलाश पर्वत की…

एक अनूठा ‘कल्पवृक्ष’, जिसमें हमारे शरीर में आवश्यक 8 अमीनो एसिड में से 6 पाए जाते हैं

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चैतन्य भारत न्यूज सागर. कल्पवृक्ष एक विशेष वृक्ष है। पौराणिक धर्म ग्रंथों और हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माना जाता है कि इस वृक्ष के नीचे बैठकर व्यक्ति जो भी इच्छा करता है, वह पूर्ण हो जाती है। यह दुर्लभ व पौराणिक कल्पवृक्ष मध्यप्रदेश के सागर में भी है। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में मौजूद दो कल्पवृक्ष अतिक्रमण की जद में आ रहे थे, जिसके तहत उसे काटा जाना था। लेकिन अधिकारियों की सूझबूझ से इन दोनों वृक्षों को एक बार फिर जीवन मिल गया। अधिकारियों ने वृक्षों को ना काटकर निर्माणाधीन…

इस शहर के राजा है प्रभु श्रीराम, कलेक्टर-SP सब करते हैं रिपोर्ट, गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाता है

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चैतन्य भारत न्यूज ओरछा. अयोध्या रामजन्म भूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर आने वाले फैसले को मद्देनजर रखते हुए ओरछा के विश्व प्रसिद्ध राम राजा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बता दें ओरछा में बने प्रभु श्री राम के मंदिर की विशेष मान्यता है। इस जगह श्री राम को भगवान नहीं माना जाता है। आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण? ओरछावासी प्रभु श्री राम को भगवान नहीं बल्कि वहां के राजा मानते हैं। शुरुआत से ही यहां राम भगवान का ही शासन चलता है। जानकारी के मुताबिक,…

अहंकारी रावण के ये हैं वो 5 योगदान, जिन्हें बनाया गया धर्मशास्त्र का हिस्सा

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चैतन्य भारत न्यूज लंकापति रावण को सिर्फ उसके अहंकार और बुराइयों ने नष्ट कर दिया, वरना रावण जितना ज्ञानी और कोई नहीं था। रावण की बुराइयों के चलते उसे पूरी दुनिया नकारात्मक छवि से देखती है। लेकिन आपको बता दें कि रावण एक विद्वान और प्रकांड पंडित था और उसने धर्मशास्त्र को भी बहुत कुछ दिया हैं। आइए जानते हैं रावण के वो 5 योगदान के बारे में, जो धर्मशास्त्र का हिस्सा बने। शिव तांडव स्त्रोत लिखा था पौराणिक कथाओं के मुताबिक, एक बार तो रावण इतना ज्यादा अहंकारी बन…

तेलंगाना के यदाद्री मंदिर का पुनर्निर्माण 1800 करोड़ में, 39 किलो सोना और 1753 टन चांदी से मढ़ी जाएंगी दीवारें

चैतन्य भारत न्यूज हैदराबाद. आंध्रप्रदेश से अलग होने के बाद साल 2014 से ही तेलंगाना में मंदिरों की कमी हो गई थी। विभाजन के बाद दुनियाभर में प्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति मंदिर आंध्रप्रदेश के हिस्से में चला गया था। ऐसे में तेलंगाना सरकार ने इस कमी को पूरा करने के लिए 1800 करोड़ रुपए की लागत से एक महत्वपूर्ण स्थान, यदाद्री लक्ष्मी-नरसिम्हा मंदिर को भव्य रूप दिया है। यह मंदिर यदाद्रीगिरीगुट्टा के नाम से भी प्रसिद्द है। जानकारी के मुताबिक, इस साल के अंत तक तेलंगाना को भी अपना ‘तिरुपति मंदिर’…